फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Major overhaul in revenue services; obtaining EWS certificates becomes easier, and land partition processe

यूपी: राजस्व सेवाओं में बड़ा बदलाव, ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाना हुआ आसान; जमीन बंटवारे का काम भी ऑनलाइन होगा

Fri, 11 Sep 2026 06:30 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Fri, 11 Sep 2026 06:30 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश में राजस्व सेवाओं को डिजिटल बनाने के लिए ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र, सरलीकृत खतौनी और भूमि विभाजन से जुड़े नए पोर्टल शुरू किए गए हैं। अब ईडब्ल्यूएस आवेदन और भूमि बंटवारे की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। खतौनी में क्षेत्रफल छह दशमलव तक दिखेगा। इससे पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध निस्तारण बढ़ेगा तथा तहसील के चक्कर कम होंगे।

विज्ञापन
UP: Major overhaul in revenue services; obtaining EWS certificates becomes easier, and land partition processe
सीए योगी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के लिए ईडब्ल्यूएस पोर्टल, भूमि अभिलेखों को सरल और सटीक बनाने के लिए सरलीकृत खतौनी तथा राजस्व संहिता की धारा 116 के तहत भूमि विभाजन के मामलों के ऑनलाइन निस्तारण के लिए नया पोर्टल शुरू किया गया है। राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने शुक्रवार को आंबेडकर सभागार में इन सुविधाओं का शुभारंभ किया।

विज्ञापन

 

ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र के लिए कम होंगे तहसील के चक्कर

ईडब्ल्यूएस पोर्टल के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के नागरिक अब प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन लेखपाल और तहसीलदार स्तर पर भी ऑनलाइन भेजा और निस्तारित किया जा सकेगा। आवेदन किस स्तर पर है और उसकी स्थिति क्या है, इसकी जानकारी डिजिटल माध्यम से देखी जा सकेगी।

इससे कागजी कार्यवाही कम होने के साथ ही नागरिकों को बार-बार तहसील या संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। डिजिटल निगरानी से निस्तारण में जवाबदेही और समयबद्धता बढ़ाने के साथ प्रक्रिया में पारदर्शिता भी मजबूत होगी।

सरलीकृत खतौनी में छह दशमलव तक दिखेगा क्षेत्रफल

सरलीकृत खतौनी के जरिए भूमि अभिलेखों को आम नागरिक के लिए अधिक स्पष्ट और उपयोगी बनाया गया है। अब खतौनी में भूमि का क्षेत्रफल छह दशमलव स्थानों तक प्रदर्शित किया जाएगा। इससे जमीन के क्षेत्रफल की जानकारी अधिक सटीक रूप में उपलब्ध होगी।

इसके अलावा अभिलेखागार से जुड़े पुराने आदेश और पुराने बंधक आदेशों की जानकारी भी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे भूमि के स्वामित्व और पुराने रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी जुटाना आसान होगा।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

धारा 116 के तहत भूमि विभाजन भी ऑनलाइन

राजस्व संहिता की धारा 116 के तहत सह-खातेदार भूमि के विभाजन के लिए वाद कर सकता है। अब इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है। नागरिक भूमि विभाजन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। नोटिस और उद्घोषणा की प्रक्रिया भी डिजिटल माध्यम से संचालित और मॉनिटर की जा सकेगी।

संबंधित लेखपाल की रिपोर्ट पोर्टल पर उपलब्ध होगी। भूमि की वास्तविक स्थिति देखने के लिए मानचित्र की सुविधा भी दी गई है। इससे न्यायालय में चल रही प्रक्रिया और मौके की स्थिति के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी और मामलों का निस्तारण अधिक पारदर्शी व समयबद्ध हो सकेगा।

 

विज्ञापन

तकनीक के साथ संवेदनशीलता पर जोर

राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने कहा कि राजस्व प्रशासन का सीधा संबंध आम नागरिक और उसके भूमि संबंधी अधिकारों से है। इसलिए तकनीक का उद्देश्य सिर्फ प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करना नहीं, बल्कि नागरिकों की समस्याओं का सरल, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने युवा अधिकारियों से संवेदनशीलता, निष्पक्षता और जनसेवा की भावना के साथ काम करने तथा तकनीक का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया।

पीसीएस प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद

कार्यक्रम में पीसीएस प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ संवाद भी हुआ। उन्हें राजस्व परिषद की कार्यप्रणाली और क्षेत्रीय राजस्व प्रशासन की भूमिका की जानकारी दी गई। इस दौरान रोवर तकनीक के माध्यम से आधुनिक और सटीक भूमि मापन की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया। प्रशिक्षु अधिकारियों ने राजस्व प्रशासन में तकनीक के इस्तेमाल और क्षेत्र स्तर की व्यावहारिक चुनौतियों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed