फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Up Lok Sabha Election 2024 SP-Congress Strategize for Long-term Alliance News in Hindi

UP: लंबी चलेगी दोस्ती या फिर होगी खटपट...सपा-कांग्रेस लंबी दोस्ती के लिए बना रहे रणनीति; नतीजे तय करेंगे मियाद

Wed, 29 May 2024 11:50 AM IST
शाहरुख खान अजित बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ
अजित बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 29 May 2024 11:50 AM IST
सार

लंबी चलेगी दोस्ती या फिर होगी खटपट। सपा और कांग्रेस लंबी दोस्ती के लिए रणनीति बना रहे हैं। एक जून को दिल्ली में इंडिया गठबंधन के प्रमुख घटकों की बैठक होगी।

विज्ञापन
Up Lok Sabha Election 2024 SP-Congress Strategize for Long-term Alliance News in Hindi
राहुल गांधी और अखिलेश यादव। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच एक सवाल अक्सर ही उठता है कि क्या सपा और कांग्रेस की दोस्ती लंबी चलेगी? या फिर पूर्व की तरह चुनाव होते ही गठबंधन बिखर जाएगा? इन सब चर्चाओं के बीच सपा और कांग्रेस लंबी दोस्ती के लिए रणनीति बना रहे हैं। 
विज्ञापन


एक जून को दिल्ली में इंडिया के प्रमुख घटकों की बैठक होगी, जिसमें भविष्य की कार्ययोजना भी तैयार होगी। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन हुआ था। लेकिन, परिणाम आशा के अनुरूप नहीं आए। चुनाव होते ही यह गठबंधन तार-तार हो गया। 
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन



दोनों पार्टियों के नेताओं ने एक-दूसरे पर खूब तीर चलाए। इसी तरह वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव सपा और बसपा ने मिलकर लड़ा। इस चुनाव में सपा को कुछ अधिक हासिल नहीं हुआ।

पिछले लोकसभा चुनाव के तत्काल बाद दोनों पार्टियों के बीच शीत युद्ध प्रारंभ हो गया, जोकि इस समय चरम पर है। बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव दोनों एक-दूसरे पर शब्द-बाण चला रहे हैं। विगत इतिहास को देखते हुए यूपी में सपा और कांग्रेस के रिश्तों के भविष्य को लेकर सवाल उठना लाजिमी है।

नतीजे तय करेंगे मियाद
इन दिनों पूर्वांचल में मतदाताओं के बीच सर्वे कर रहे लखनऊ विवि के राजनीति शास्त्र के प्रो. संजय गुप्ता मानते हैं कि काफी हद तक गठबंधन चुनाव परिणामों पर निर्भर करता है। उनका कहना है कि इस बार के चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन बेहतर स्थिति में रहने की संभावना है। 

 

इसलिए यह गठबंधन लंबा चल सकता है। जेएनयू के पूर्व शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अरशद आलम कहते हैं कि कांग्रेस और सपा का सामाजिक आधार (वोट बैंक) आपस में टकराता नहीं है। इसलिए इस गठबंधन की उम्र लंबी हो सकती है।

 

वहीं, भाजपा के प्रमुख नेता सार्वजनिक मंचों से बार-बार कह रहे हैं कि विपक्षी गठबंधन चुनाव बाद तार-तार होकर बिखर जाएगा। उधर, इंडिया गठबंधन के सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस चाहती है कि जिन दलों के साथ चुनाव मिलकर लड़ा है, उनके साथ अच्छे रिश्ते भविष्य में भी कायम रहें।

इसलिए एक जून को दिल्ली में होने वाली बैठक में सरकार बनाने की संभावनाओं के साथ-साथ आपसी रिश्तों को मजबूत करने पर भी बात होगी। ताकि, भाजपा के खिलाफ लंबी लड़ाई के लिए खुद को तैयार कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed