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विधान परिषद : 'देखा है पहली बार सरकार की आंखों में दलितों के प्रति प्यार', इस लाइन पर विपक्ष ने किया हंगामा

Fri, 01 Dec 2023 07:26 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Fri, 01 Dec 2023 07:26 PM IST
सार

एमएलसी विद्या सागर सोनकर ने कह कि वह खुद दलित समाज से आते हैं। भाजपा सरकार ने दलित उत्थान की दिशा में जितना कार्य किया है, उतना कभी नहीं हुआ।

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UP Legislative Council proceedings: Ruckus in power and opposition for Dalits
यूपी विधानसभा - फोटो : amar ujala

विस्तार

विधान परिषद में बजट चर्चा के दौरान एमएलसी विद्या सागर सोनकर ने अनुपूरक बजट की तारीफ करते हुए कहा कि दलितों की बात तो सभी कर रहे हैं लेकिन सपा- बसपा की सरकारों ने दलितों की कभी भी सुध नहीं ली। हकीकत तो यह है कि भाजपा सरकार से ही दलितों को हक दिया। योगी- मोदी सरकार ने उनके जीवन यापन का इंतजाम किया। 

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उन्होंने फिल्म का गाना भी गुनगुनाया कि देखा है पहली बार सरकार की आंखों में दलितों के प्रति प्यार...। इस पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया और कहा कि देखा है पहली बार बेटियों की हत्या, बलात्कार जैसी घटनाएं चारों ओर। इस दौरान सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के सदस्यों के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। पीठासीन सभापति ने कार्रवाई की चेतावनी दी तब जाकर मामला शांत हुआ।
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एमएलसी विद्या सागर सोनकर ने कह कि वह खुद दलित समाज से आते हैं। भाजपा सरकार ने दलित उत्थान की दिशा में जितना कार्य किया है, उतना कभी नहीं हुआ। उन्होंने डा. आंबेडकर के विचारों से लेकर कांशीराम के विचारों का जिक्र किया तो सपा-बसपा ने विरोध जताते हुए कहा कि यहां किसी पार्टी का इतिहास बताने की जरूरत नहीं है। 
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इस मुद्दे पर भी काफी देर तक दोनों पक्षों में बहस हुई। विद्या सागर ने कहा कि पहले गांव जाते थे तो पहले जनरेटर दुरुस्त कराया जाता था। अब जनरेटर की जरूरत ही खत्म हो गई है। सपा के एमएलसी डा. मानसिंह यादव ने कहा कि सपा सरकार में जितने पावर प्लांट लगे थे। भाजपा उन्हें आगे नहीं बढ़ा पाई है। शिक्षामित्र आत्महत्या करने के लिए विवश हैं। बेसिक शिक्षा का बजट सिर्फ 39 फीसदी खर्च हुआ है। 


करीब- करीब यही स्थिति अन्य विभागों की है। 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में दलित- पिछड़े आत्महत्या कर रहे हैं। इसी तरह भाजपा एमएलसी डा. प्रज्ञा त्रिपाठी, सुरेंद्र चौधरी, गोविंद नारायण,सहित अन्य सदस्यों ने अनुपूरक बजट को जनहितकारी और कल्याणकारी बताया। सपा के लाल बिहारी यादव, आशुतोष सिन्हा, मुकुल यादव, स्वामी प्रसाद मौर्य, बसपा के डा. भीमराव अंबेडकर ने अनुपूरक बजट की जरूरत पर सवाल उठाया और सरकार की नीतियों की आलोचना की।

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