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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Landlords will no longer be able to keep tenants without a contract, objections and suggestions have been sought till July 27

यूपी : बिना अनुबंध के मकान मालिक अब नहीं रख सकेंगे किरायेदार, 27 जुलाई तक मांगी गई है आपत्तियां व सुझाव

Tue, 20 Jul 2021 10:41 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 20 Jul 2021 10:41 PM IST
सार

मकान मालिक और किरायेदारों के बीच होने वाले विवादों को खत्म करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किरायेदारी नियमवाली को लागू करने की कवायद शुरू कर कर दी गई है।

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UP: Landlords will no longer be able to keep tenants without a contract, objections and suggestions have been sought till July 27

विस्तार

मकान मालिक और किरायेदारों के बीच होने वाले विवादों को खत्म करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किरायेदारी नियमवाली को लागू करने की कवायद शुरू कर कर दी गई है। इसके लिए आवास विभाग द्वारा तैयार ‘उप्र नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन नियमावली.2021’ का प्रारूप मंगलवार को जारी कर दिया गया है। नियमावली में किए गए प्रावधानों के संबंध में आपत्तियां व सुझाव देने के लिए 27 जुलाई तक का समय निर्धारित किया गया है।

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सुझाव व आपत्तियां आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग एनेक्सी में दिया जा सकेगा। इस नियमावली में खास बात यह कि मकानमालिक बिना अनुबंध के किरायेदार नहीं रख सकेंगे। साथ ही अनुबंध की एक कापी किराया प्राधिकारी के यहां जमा करना भी अनिवार्य होगा।  
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आवास विभाग की ओर से जारी प्रारूप के मुताबिक आपत्तियां व सुझाव के निस्तारण के बाद इसे कैबिनेट मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अधिसूचना जारी होने के बाद यह व्यवस्था प्रभावी हो जाएगी। नियमावली के मुताबिक मकान मालिक को निर्धारित प्रारूप पर किराएदार से अनुबंध करते हुए बताना होगा कि कितने किराए पर कितने महीने के लिए किराएदार रखा है। किराएदार को दी जाने वाली सुविधाओं की भी जानकारी इसमें देनी होगी। आवास विभाग इसके लिए किराया प्राधिकारी का गठन करेगा। इतना ही नहीं किराएदार किराया नहीं मार पाएगा। ऐसा होने पर उसे नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ भुगतान करना होगा।
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मामलों के निस्तारण के लिए किराएदारी अपलीय अधिकरण का गठन भी किया जाएगा। किराया प्राधिकारी के किसी भी आदेश के खिलाफ इसमें अपील की व्यवस्था होगी। राज्य सरकार किरायेदारी करार नामे पर विवाद के निपटारे के लिए हिंदी या अंग्रेजी में एक डिजिटल प्लेटफार्म तैयार कराएगी। इस पर सभी तक के मामलों को अपलोड किया जाएगा। अपील दाखिल करने वाले को यूआईडी प्रदान किया जाएगा जिससे उसकी पहचान होगी। मकान मालिक या किरायेदार की मृत्यु होने पर विधिक वारिस 90 दिनों के अंदर इसकी सूचना किराया प्राधिकारी को देना होगा।


बेदखली और कब्जा बहाली के लिए मकान मालिक द्वारा किराया प्राधिकरण को अपना आवेदन देना होगा। किराएदार से बकाया और अन्य कोई शुल्क बकाया होने की भी जानकारी देनी होगी। ऐसा कोई भी आवेदन तक तक स्वीकार नहीं किया जाएगा जब तक उसमें मकान मालिक या उसके वकील का ई.मेल आईडी और व्हाट्सऐप या मोबाइल नंबर न दिया गया हो।

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