{"_id":"6a2f78bcc0b9e5af30081666","slug":"up-irregularities-in-pradhan-mantri-awas-yojana-427-availed-benefits-for-two-houses-action-to-be-taken-2026-06-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी, 427 ने लिया दोहरे आवास का लाभ, होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी, 427 ने लिया दोहरे आवास का लाभ, होगी कार्रवाई
Mon, 15 Jun 2026 09:29 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
घनश्याम सिंह, अमर उजाला, लखनऊ
घनश्याम सिंह, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Mon, 15 Jun 2026 09:29 AM IST
सार
लाभार्थियों ने अलग-अलग निवास दिखाकर दो-दो पीएम आवास हासिल किए हैं। सबसे अधिक गड़बड़ी ललितपुर जिले में सामने आई है। यहां 50 लोगों ने दोहरे आवास का लाभ लिया है।
विज्ञापन
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
उत्तर प्रदेश सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना को प्राथमिकता से लागू कर रही है, लेकिन योजना में गड़बड़ी भी सामने आई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की जांच में प्रदेश के 427 ऐसे लाभार्थी चिह्नित किए गए हैं जिन्होंने अलग-अलग निवास या पहचान दिखाकर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का दोहरा लाभ लिया और दो-दो आवास हासिल कर लिए।
विज्ञापन
जांच में सबसे अधिक गड़बड़ी ललितपुर जिले में सामने आई है। यहां 50 लोगों ने दोहरे आवास का लाभ लिया है। इसके बाद सबसे ज्यादा दोहरे आवास के मामलों बांदा में 26, सीतापुर और प्रतापगढ़ में 21-21, फिरोजाबाद में 17, मिर्जापुर में 15 और प्रयागराज में 13 शामिल हैं। लिस्ट में लखनऊ का सिर्फ एक मामला शामिल है। यहां बख्शी का तालाब क्षेत्र के भगाैतीपुर गांव की उमा सिंह के नाम दो आवास दर्ज हैं। यह खुलासा न केवल सरकारी योजनाओं की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि उन हजारों पात्र परिवारों के हक पर भी चोट करता है जो अब भी आवास की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों की पड़ताल कर रिकवरी और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - यूपी: राम मंदिर चंदा विवाद के बीच अखिलेश पर तीखे हमले- दोनों उप मुख्यमंत्रियों ने खोला मोर्चा; बाबरी चंदे की दिलाई याद
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - महाकुंभ बना था चंदा चोरों के लिए सुनहरा मौका, रोज पार किए 10-15 लाख, आज तफ्तीश करने जाएगी एसआईटी
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के पत्र के बाद प्रदेश के ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त की ओर से सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा है। पत्र में यह भी सत्यापन कराने के लिए कहा गया है यह भी देखा जाए कि दोहरे आवास का लाभ लेने वाले लाभार्थियों ने पहले प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का लाभ या फिर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का।
यह है प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) केंद्र सरकार की प्रमुख आवास योजना है, जिसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। इसके दो हिस्से हैं- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)। आवास योजना शहरी की शुरुआत केंद्र सरकार ने 25 जून 2015 को की थी। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों की पुरानी इंदिरा आवास योजना को पुनर्गठित कर 20 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण लागू की गई। ग्रामीण योजना के तहत कच्चे या जर्जर मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं शहरी योजना का लक्ष्य शहरों में आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न आय और मध्यम आय वर्ग के लोगों को आवास उपलब्ध कराना है।
अवध के जिलों में दोहरे आवास
| सीतापुर | 21 |
| अंबेडकरनगर | 5 |
| अमेठी | 10 |
| बहराइच | 8 |
| बलरामपुर | 1 |
| बाराबंकी | 4 |
| गोंडा | 2 |
| लखनऊ | 1 |
| रायबरेली | 2 |
| सुल्तानपुर | 7 |