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कारोबारी सहूलियतों में यूपी की 10 पायदान की छलांग, देश में दूसरा स्थान
Sat, 05 Sep 2020 04:51 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 05 Sep 2020 04:51 PM IST
सार
प्रदेश सरकार की निवेशक माहौल बनाने के प्रयासों पर मुहर, 2017-18 में मिली थी 12 वीं रैंकिंग, 2019 में दूसरी रैंक पाई, निवेश के आकर्षक गंतव्य के रूप में उभरेगा, निवेश का बढ़ेगा माहौल
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
योगी सरकार में कारोबारी सहूलियतों (ईज ऑफ डुइंग बिजनेस) के काम पर मुहर लग गई है। बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान (बीआरएपी) की वर्ष 2019 के रैकिंग में यूपी ने 10 पायदान की छलांग लगाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। इससे वैश्विक स्तर पर प्रदेश निवेश के आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर सकेगा और निवेश गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार ने शनिवार को बीआरएपी पर किए गए कार्यों के आधार पर रैंकिंग जारी की। इसके बाद अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल व अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने संयुक्त रूप से प्रदेश की इस उपलब्धि को यहां साझा किया। अफसरों ने बताया कि प्रदेश को बीआरएपी की पिछली रैंकिंग में 12 वां स्थान मिला था। 2019 की रैंकिंग में 10 पायदान की सुधार करते हुए प्रदेश ने दूसरा स्थान हासिल किया है।
बीआरएपी-2019 में केंद्र ने 187 सुधारों पर काम का एजेंडा दिया था। इनमें एक सुधार प्रदेश पर लागू नहीं हो रहा था। राज्य ने 186 सुधारों पर काम कर क्रियान्वित किया। मूल्यांकन में 184 सुधार केंद्र की कसौटी पर खरे पाए गए। प्रदेश में पब्लिक सेवाओं को ऑनलाइन कर निवेश मित्र पोर्टल से जोड़ने व बड़े पैमाने पर श्रम सुधारों को लागू करने की पहल कारगर साबित हुई है। कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार जब अधिकाधिक निवेश को आकर्षित करने में लगी है, बीआरएपी में टॉप रैंकिंग से सरकार के प्रयासों को बल मिलने की उम्मीद है।
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इन्वेस्टर्स समिट से यूपी ने शुरू किया था तेज कारोबारी सुधारों की मुहिम
योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद निवेश गतिविधियों को तेज करने के लिए फरवरी-2018 में इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया था। इसी समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सिंगल विंडो ‘निवेश मित्र’ सिस्टम का शुभारंभ कराया था। इस पोर्टल से निवेशकों को घर बैठे अनुमति, अनापत्ति, लाइसेंस, क्लीयरेंस व शुल्क जमा करने जैसी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गईं।
इस सिस्टम पर निवेशकों के अब तक करीब 2.29 लाख आवेदन आए हैं। इनमें से 1,82,212 को एनओसी जारी की जा चुकी है। 32,406 आवेदन निरस्त हुए हैं। 7,267 आवेदन आपत्ति व परीक्षण के दौर में हैं और 7668 आवेदन पर कार्यवाही लंबित है। इस पोर्टल पर 72.9 प्रतिशत यूजर्स ने सराहना की है। बीआरएपी में काम का मूल्यांकन सुधारों पर यूजर फीडबैक के आधार पर हुआ है। निवेशक कारोबारी सुधारों में जिन पहलों की सर्वाधिक सराहना करते हैं, निवेश मित्र का प्रयोग उनमें सबसे ऊपर है। प्रदेश की इस उपलब्धि में निवेश मित्र के यूजर्स का फीडबैक सबसे अहम साबित हुआ है।
तीसरे साल कमाल
बीआरएपी के अंतर्गत राज्यों की रैंकिंग में यूपी ने पहली बार 2015 में 10 वें स्थान के साथ जगह बनाई थी। लेकिन इसके बाद इस रैंक पर प्रदेश वापस नहीं आ पाया था। 2016 में 14 वां और 2017-18 में 12 वां स्थान रहा। पिछले तीन वर्षों के काम के आधार पर प्रदेश दूसरा स्थान पाने में सफल हुआ है।
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केंद्र सरकार ने शनिवार को बीआरएपी पर किए गए कार्यों के आधार पर रैंकिंग जारी की। इसके बाद अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल व अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने संयुक्त रूप से प्रदेश की इस उपलब्धि को यहां साझा किया। अफसरों ने बताया कि प्रदेश को बीआरएपी की पिछली रैंकिंग में 12 वां स्थान मिला था। 2019 की रैंकिंग में 10 पायदान की सुधार करते हुए प्रदेश ने दूसरा स्थान हासिल किया है।
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बीआरएपी-2019 में केंद्र ने 187 सुधारों पर काम का एजेंडा दिया था। इनमें एक सुधार प्रदेश पर लागू नहीं हो रहा था। राज्य ने 186 सुधारों पर काम कर क्रियान्वित किया। मूल्यांकन में 184 सुधार केंद्र की कसौटी पर खरे पाए गए। प्रदेश में पब्लिक सेवाओं को ऑनलाइन कर निवेश मित्र पोर्टल से जोड़ने व बड़े पैमाने पर श्रम सुधारों को लागू करने की पहल कारगर साबित हुई है। कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार जब अधिकाधिक निवेश को आकर्षित करने में लगी है, बीआरएपी में टॉप रैंकिंग से सरकार के प्रयासों को बल मिलने की उम्मीद है।
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इन्वेस्टर्स समिट से यूपी ने शुरू किया था तेज कारोबारी सुधारों की मुहिम
योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद निवेश गतिविधियों को तेज करने के लिए फरवरी-2018 में इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया था। इसी समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सिंगल विंडो ‘निवेश मित्र’ सिस्टम का शुभारंभ कराया था। इस पोर्टल से निवेशकों को घर बैठे अनुमति, अनापत्ति, लाइसेंस, क्लीयरेंस व शुल्क जमा करने जैसी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गईं।
इस सिस्टम पर निवेशकों के अब तक करीब 2.29 लाख आवेदन आए हैं। इनमें से 1,82,212 को एनओसी जारी की जा चुकी है। 32,406 आवेदन निरस्त हुए हैं। 7,267 आवेदन आपत्ति व परीक्षण के दौर में हैं और 7668 आवेदन पर कार्यवाही लंबित है। इस पोर्टल पर 72.9 प्रतिशत यूजर्स ने सराहना की है। बीआरएपी में काम का मूल्यांकन सुधारों पर यूजर फीडबैक के आधार पर हुआ है। निवेशक कारोबारी सुधारों में जिन पहलों की सर्वाधिक सराहना करते हैं, निवेश मित्र का प्रयोग उनमें सबसे ऊपर है। प्रदेश की इस उपलब्धि में निवेश मित्र के यूजर्स का फीडबैक सबसे अहम साबित हुआ है।
तीसरे साल कमाल
बीआरएपी के अंतर्गत राज्यों की रैंकिंग में यूपी ने पहली बार 2015 में 10 वें स्थान के साथ जगह बनाई थी। लेकिन इसके बाद इस रैंक पर प्रदेश वापस नहीं आ पाया था। 2016 में 14 वां और 2017-18 में 12 वां स्थान रहा। पिछले तीन वर्षों के काम के आधार पर प्रदेश दूसरा स्थान पाने में सफल हुआ है।
प्रदेश सरकार की निवेशक माहौल बनाने के प्रयासों पर मुहर, 2017-18 में मिली थी 12 वीं रैंकिंग, 2019 में दूसरी रैंक पाई, निवेश के आकर्षक गंतव्य के रूप में उभरेगा, निवेश का बढ़ेगा माहौल