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यूपी: हाईकोर्ट ने 73 हजार कमाने वाली पत्नी को गुजारा भत्ता देने से किया इंकार, फ्लैट खरीदने को भी बनाया आधार

Mon, 01 Sep 2025 08:42 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 01 Sep 2025 08:42 AM IST
सार

Alimony after divorce: लखनऊ हाईकोर्ट ने पारिवारिक विवाद के मामले में महीने में 73 हजार वेतन पाने वाली पत्नी को पति से 15 हजार प्रतिमाह गुजारा दिलाने से इन्कार कर दिया। 

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UP: High Court refuses to give alimony to wife earning Rs 73,000, also makes it basis for buying a flat
लखनऊ हाईकोर्ट का फैसला। - फोटो : फ्रीपिक

विस्तार

 हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पारिवारिक विवाद के मामले में महीने में 73 हजार वेतन पाने वाली पत्नी को पति से 15 हजार प्रतिमाह गुजारा दिलाने से इन्कार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने पति को, विवाह के बाद पैदा हुए बच्चे को 25 हजार प्रतिमाह देने का आदेश दिया।

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न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की एकल पीठ ने यह आदेश पति द्वारा दाखिल पुनरीक्षण याचिका पर दिया। इसमें, पति ने लखनऊ के पारिवारिक न्यायालय के 18 मार्च 2024 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें पति को सीआरपीसी की धारा 125 के तहत पत्नी को 15 हजार प्रतिमाह और नाबालिग बच्चे को हर महीने 25 हजार रुपए भरण पोषण के लिए देने का निर्देश दिया गया था। पारिवारिक विवाद की वजह से पत्नी, वर्ष 2023 से बच्चे के साथ अलग रह रही है।
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आदेश के मुताबिक, पति साफ्टवेयर इंजीनियर है और मौजूदा समय में 1 लाख 75 हजार रुपए वेतन पा रहा है। जबकि पत्नी भी साफ्टवेयर इंजीनियर है और वह भी हर महीने 73 हजार वेतन पा रही है। कोर्ट को यह भी बताया गया कि पत्नी ने बख्शी का तालाब में 80 लाख से अधिक कीमत का फ्लैट भी खरीदा है। पति का कहना था कि ऐसे में पत्नी, सक्षम होने के नाते, उससे भरण पोषण की रकम पाने की हकदार नहीं है। 
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कोर्ट ने कहा चूंकि पत्नी 73 हजार वेतन पा रही है, इससे वह अपना पर्याप्त भरण पोषण करने में सक्षम है। साथ ही कहा कि पत्नी ने फ्लैट भी खरीदा है। ऐसे में पारिवारिक अदालत ने पति को, पत्नी को 15 हजार प्रतिमाह गुजारा देने का निर्देश देने में त्रुटि की है। जबकि, बच्चे को प्रतिमाह 25 हजार देने का निर्देश तर्कसंगत है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने याचिका को आंशिक रूप से मंजूर करते हुए पत्नी को 15 हजार प्रतिमाह गुजारा न देने का निर्देश दिया। हालांकि, कोर्ट ने पति को, बच्चे को 25 हजार प्रतिमाह देने का आदेश दिया है।

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