बड़ी पहल: नए ऑक्सीजन प्लांट लगाने पर प्रोत्साहन देगी योगी सरकार
मुख्यमंत्री योगी ने नासिक में ऑक्सीजन लीक होने की दुर्घटना का जिक्र करते हुए कहा कि स्थिति हृदयविदारक है। हमें इससे सबक लेना चाहिए। सभी स्थानों पर सुरक्षा एवं सावधानी बरती जाए।
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में नए ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए राज्य सरकार सभी आवश्यक प्रोत्साहन देगी। इसके लिए विधायक निधि और एसडीआरएफ का प्रयोग किया जा सकता है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा 10 नए प्लांट स्थापित करने की कार्यवाही की जा रही है।
मुख्यमंत्री कोविड से प्रभावित लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर नगर की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के जो भी चिकित्सा संस्थान स्वयं का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें हर आवश्यक मदद मुहैया कराई जाएगी।
केंद्र सरकार से आवंटित ऑक्सीजन लाने के लिए गाडि़यां बोकारो रवाना हो रही हैं। मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाते हुए ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने ऑक्सीजन रीफिलिंग केंद्रों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने व अति गंभीर परिस्थितियों को छोड़कर व्यक्तिगत रूप से ऑक्सीजन न देने की हिदायत दी है।
नासिक की दुर्घटना से लें सबक, सावधानी बरतें
मुख्यमंत्री योगी ने नासिक में ऑक्सीजन लीक होने की दुर्घटना का जिक्र करते हुए कहा कि स्थिति हृदयविदारक है। हमें इससे सबक लेना चाहिए। सभी स्थानों पर सुरक्षा एवं सावधानी बरती जाए।
लखनऊ में अब 5500 बेड उपलब्ध
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोविड मरीजों के लिए जनपद लखनऊ में साढ़े पांच हजार से अधिक बेड कोविड उपलब्ध हैं। अकेले केजीएमयू में बुधवार को 380 बेड की बढ़ोतरी हुई है। अभी यहां विस्तार की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि ट्रॉमा, न्यूरोसर्जरी एवं अन्य अति आवश्यक विभागों को छोड़कर इसे चरणबद्ध रूप से पूर्ण डेडिकेटेड हॉस्पिटल के रूप में सक्रिय किया जाए।
उन्होंने जिला प्रशासन को तत्काल इस दिशा में कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है। केजीएमयू में खुद के ऑक्सीजन प्लांट की भी सुविधा है, साथ ही अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध हैं। इसी प्रकार बलरामपुर हॉस्पिटल को 700 बेड वाले कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल के रूप में तैयार किया जाए।
नोडल अफसर अस्पतालों में ही करें कैम्प
मुख्यमंत्री ने कहा है कि लखनऊ में अलग-अलग अस्पतालों के लिए नियुक्त सभी नोडल अधिकारी संबंधित अस्पतालों में ही कैंप करें। वह स्थिति पर नजर रखें, मरीजों को यथासंभव हर जरूरी मदद उपलब्ध कराएं। बदलती परिस्थितियों के बीच नए विकल्पों को भी तैयार करें। जिस भी अस्पताल को अतिरिक्त मानव संसाधन की जरूरत हो, उपलब्ध कराया जाए।