यूपी सरकार इन पदों पर भी करेगी भर्तियां
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शासन ने राज्य सूचना आयोग में इसी महीने खाली हो रहे मुख्य सूचना आयुक्त व एक सूचना आयुक्त के पद पर नई तैनाती को लेकर कार्यवाही शुरू कर दी है।
आयोग में वर्तमान में कार्यरत एक सूचना आयुक्त का नाम मुख्य सूचना आयुक्त पद के लिए से प्रमुखता से लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में चयन समिति की बैठक 28 जून को होगी।
प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त रणधीर सिंह पंकज का कार्यकाल 30 जून को पूरा हो रहा है। वर्ष 2009 में बसपा सुप्रीमो तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती की सरकार ने 1992 बैच के आईएएस पंकज को मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में चयनित किया था।
चयन समिति ले सकती है बड़े निर्णय
पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा कर पंकज 30 जून को रिटायर हो जाएंगे। उनके साथ ही राज्य सूचना आयुक्त ज्ञान प्रकाश मौर्य का भी कार्यकाल पूरा हो रहा है।
शासन ने मुख्य सूचना आयुक्त व मौर्य से रिक्त होने वाले सूचना आयुक्त के पद पर नई तैनाती की चयन प्रकिया शुरू कर दी है। इसके लिए चयन समिति का गठन कर बैठक की तिथि भी तय कर दी गई है।
जानकार बताते हैं कि मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर जिन लोगों की दावेदारी की चर्चा है उनमें सबसे प्रमुख नाम सूचना आयोग में वर्तमान में कार्यरत एक सूचना आयुक्त की है। उनकी नियुक्ति इसी सरकार ने पिछले दिनों आठ सूचना आयुक्तों के साथ की है।
ऐसे में यदि आयोग में राज्य सूचना आयुक्त का एक पद और खाली होता है तो चयन समिति मुख्य सूचना आयुक्त के साथ दो सूचना आयुक्तों का चयन कर सकती है। या, वह आगे कुछ दिन बाद आयोग में रिक्त होने वाले सूचना आयुक्त के एक अन्य पद के साथ चयन कर सकती है।
लेनी होगी राज्यपाल की मंजूरी
सूत्रों के अनुसार प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अनीता सिंह व प्रमुख सचिव प्रशासनिक सुधार शंभूनाथ शुक्ल के साथ बुधवार को हुई बैठक में चयन समिति की बैठक का कार्यक्रम तय हुआ।
यह बैठक 28 जून की शाम पांच बजे मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग पर होगी। चयन समिति चयनित नामों को राज्यपाल के पास भेजेगी। उनके अनुमोदन के बाद नियुक्ति हो जाएगी। यह प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरा करने की योजना है।
नई चयन समिति में भी हसन बरकरार
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में नवगठित चयन समिति में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य व स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन शामिल हैं। इसी समिति ने पहले भी आठ सूचना आयुक्तों का चयन किया था।
चयन समिति में मुख्यमंत्री, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के साथ राज्य के गृहमंत्री को शामिल करने का प्रावधान है। चूंकि मुख्यमंत्री के पास ही गृहमंत्री का भी प्रभार है इसलिए वह किसी एक मंत्री को बतौर सदस्य नियुक्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य मंत्री हसन पर भरोसा बना हुआ है।
इस तरह होगी नियुक्ति
मुख्य सूचना आयुक्त उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के समकक्ष नियमों के अनुसार राज्य सूचना आयोग में कार्यरत राज्य सूचना आयुक्त को मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया जा सकता है लेकिन उसके पांच वर्ष के कार्यकाल की गणना दोनों पदों को मिलाकर की जाएगी।
राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त का दर्जा केंद्रीय निर्वाचन आयोग के निर्वाचन आयुक्त के समकक्ष है। उन्हें वेतन, भत्ते व अन्य सुविधाएं निर्वाचन आयुक्त के समान प्राप्त होंगी। बताते चलें सरकार ने मुख्य सूचना आयुक्त के पद को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के समकक्ष रखा है। राज्य के सूचना आयुक्त का पद मुख्य सचिव के समतुल्य होता है।
विज्ञापन व आवेदन शुल्क का झमेला खत्म
सरकार ने पिछले दिनों आठ सूचना आयुक्त की नियुक्ति की थी जिसके लिए विज्ञापन के जरिए आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए आवेदन शुल्क भी लिए गए। चयन प्रक्रिया कोर्ट-कचहरी तक पहुंची गई थी।
इस बार सरकार ने मुख्य सूचना आयुक्त व एक सूचना आयुक्त की नियुक्ति सीधे चयन समिति के जरिए कराने का फैसला किया है। चयन समिति के सदस्य आपसी सहमति से आयोग के मुखिया व सूचना आयुक्त का नाम तय करेंगे। फिर चयन समिति द्वारा प्रस्तावित नाम की राज्यपाल से स्वीकृति लेकर नियुक्त की जाएगी।