यूपी में जल्द होगी सात हजार डॉक्टरों के पद पर भर्ती: स्वास्थ्य मंत्री
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी में डॉक्टरों की भारी कमी के लिए मायावती व अखिलेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि जल्द ही रिक्त पदों पर भर्ती होगी। सूबे में कई वर्षों से 6.5 हजार से 7 हजार डॉक्टरों के पद खाली हैं।
2011 में सिर्फ 2200 डॉक्टरों की भर्ती का प्रस्ताव लोक सेवा आयोग को भेजा गया था, लेकिन 2016 में आयोग सिर्फ 800 डॉक्टरों का ही चयन कर पाया। इसमें से 540 ने ही कार्यभार ग्रहण किया।
उन्होंने बताया कि कुछ पदों को आयोग के दायरे से बाहर निकालकर भर्ती करने पर भी विचार हो रहा है। यूपी के बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा, मरीजों को सस्ती दवा मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार ने तेजी से काम शुरू किया है। सरकारी अस्पतालों में सस्ती दवा (जेनरिक) उपलब्ध कराने के लिए पहले चरण में 1000 जन औषधि केंद्र खोलने का फैसला हुआ है।
इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच सहमति बन चुकी है। अब सिर्फ करार होना बाकी है। अगले 10 दिन में केंद्रीय रसायन व उर्वरक मंत्री अनंत कुमार लखनऊ आकर जन औषधि केंद्र खोलने के लिए राज्य सरकार से करार करेंगे।
मिलेंगे सस्ते उपकरण
उन्होंने कहा, आमजन को सस्ता इलाज मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इसमें जेनरिक दवाओं की बिक्री के लिए जन औषधि केंद्र खोलना भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र खुलने से जनता को बड़ी राहत मिलेगी। जो उपकरण बाजार में 1 से 1.5 लाख रुपये में मिलता है, वह यहां 7 से 25 हजार रुपये में उपलब्ध होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, सरकारी अस्पतालों में दवाओं कीलोकल परचेजिंग में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही हैं, इसलिए अब इसके लिए ऑनलाइन परचेजिंग व्यवस्था शुरू होगी।
नई हेल्थ पॉलिसी के बारे में पूछने पर कहा, सरकार इस दिशा में काम कर रही है। चूंकि यह मामला कैबिनेट से जुड़ा है, अत: अभी विस्तार से बताना संभव नहीं है। सरकार का प्रयास है कि अगले 100 दिन के भीतर राज्य की नई स्वास्थ्य नीति लागू कर दी जाए।
टेलीमेडिसिन सेवा शुरू होगी
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए जल्द ही सरकार टेलीमेडिसिन सेवा शुरू करने जा रही है।
इसके तहत जिला अस्पतालों में एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना करके 20-25 डॉक्टरों की टीम रखी जाएगी। नियंत्रण कक्ष को फोन के जरिये सीएचसी व पीएचसी से जोड़ा जाएगा।
जरूरत पड़ने पर नियंत्रण कक्ष में तैनात डॉक्टरों को वहां भेजकर मरीज का इलाज किया जाएगा।
करारी शिकस्त से हताश हैं अखिलेश
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा एक पत्रकार को भगवा प्रेमी बताने पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, एक पत्रकार के लिए अखिलेश का यह बयान साबित करता है कि वह विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त से हताश हैं।
अखिलेश पर भगवा का खौफ इस तरह हावी हो गया है कि उन्हें एक निष्पक्ष पत्रकार भी भगवाधारी लगने लगा है।
अखिलेश द्वारा भाजपा सरकार के एक महीने के कार्यकाल पर उठाए गए सवालों पर सिद्धार्थ नाथ ने कहा, उन्हें पहले अपने कार्यकाल की समीक्षा करनी चाहिए, जिसमें गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार, जमीनों पर कब्जे, परिवारवाद व जातिवाद का बोलबाला था।
सभी मंत्रियों ने दिया संपत्ति का ब्योरा
मुख्यमंत्री द्वारा सभी मंत्रियों से संपत्ति का ब्योरा मांगने के बारे में सिद्धार्थ ने बताया कि सीएम ने जो समय सीमा दी है, उसमें अभी एक दिन का समय बाकी है। लेकिन जहां तक मुझे जानकारी है, सभी मंत्रियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा दे दिया है। अगर एकाध लोग बाकी होंगे तो वे भी बृहस्पतिवार तक उपलब्ध करा देंगे।