यूपी में पुलिस सुधार व कानून-व्यवस्था की बेहतरी के लिए बनेगा बोर्ड
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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी का सूबे की कानून-व्यवस्था बेहतर बनाने पर खास जोर है। राजधानी के हजरतगंज थाने का निरीक्षण करके उन्होंने इसके संकेत दे दिए हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के एजेंडे में कानून-व्यवस्था सबसे ऊपर थी। खुद आदित्यनाथ योगी ने इसे जोर-शोर से उठाया था।
अब मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद योगी ने पुलिस सुदृढ़ीकरण, शांति-व्यवस्था और लॉ एंड ऑर्डर में सुधार के लिए यूपी पुलिस और बीएसएफ के पूर्व डीजीपी पद्मश्री प्रकाश सिंह से लंबी चर्चा की है।
प्रकाश सिंह पुलिस सुधार के लिए लंबी लड़ाई लड़ चुके हैं। उनकी जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2006 में पुलिस रिफॉर्म्स के लिए केंद्र व प्रदेश सरकारों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे।
बात अलग है कि यूपी समेत अधिकतर राज्यों ने अभी तक इन्हें लागू नहीं किया है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पुलिस सुधार के लिए प्रकाश सिंह के कई सुझावों पर अमल कर सकते हैं। इनमें अधिकारियों के बार-बार तबादलों पर रोक और हर स्तर पर जवाबदेही तय करना शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के दिए निर्देशों पर बातचीत
प्रकाश सिंह ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में स्वीकार किया कि पुलिस सुधार और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से उनकी वार्ता हुई। हालांकि उन्होंने बातचीत का ब्योरा नहीं दिया।
माना जा रहा है कि प्रकाश सिंह की मुख्यमंत्री से उन बिंदुओं पर बातचीत हुई है जिन्हें लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों को निर्देश जारी किए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सुरक्षा आयोग बनाने, पुलिस पर अनावश्यक राजनीतिक दबाव न बनाने और उसकी परफॉरमेंस का आकलन करने को कहा है।
यह भी निर्देश दिए हैं कि पुलिस महानिदेशक का कार्यकाल दो साल रहे। जिला स्तर पर एसपी और थाना स्तर पर एसएचओ को भी दो साल काम करने का मौका दिया जाए।
पुलिस एस्टेब्लिशमेंट बोर्ड का हो सकता है गठन
पुलिस अफसरों व कर्मचारियों के ट्रांसफर, पोस्टिंग, प्रमोशन और सेवा संबंधी मामलों पर फैसला लेने के लिए पुलिस एस्टेब्लिशमेंट बोर्ड का गठन हो सकता है। पुलिस कंपलेंट्स अथॉरिटी के गठन का भी सुझाव है।
विवेचना व कानून-व्यवस्था के लिए अलग विंग संभव
आने वाले समय में थानों में दर्ज मामलों की विवेचना और कानून-व्यवस्था के लिए अलग विंग बन सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इसके निर्देश दे रखे हैं। इस मामले पर पहले भी विचार हो चुका है।