अखिलेश सरकार भी किसानों की शरण में, 92 लाख किसानों की करेगी मदद
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पिछले साल ओलावृष्टि से प्रभावित जिन किसानों को अब तक सहायता नहीं मिली है, विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें अभियान चलाकर सहायता पहुंचाई जाएगी।
राजस्व महकमे ने ऐसे किसानों में 2000 करोड़ रुपये बांटने का फॉर्मूला तैयार कर मुख्यमंत्री की सहमति के लिए भेज दिया है। सहमति मिलते ही वितरण शुरू करने की तैयारी है।
वर्ष 2015 में बेमौसम बारिश व ओलों से प्रभावित 1 करोड़ 99 लाख 95 हजार 379 किसानों का नियमों के दायरे में नुकसान माना गया था। इन्हें करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया।
केंद्र व प्रदेश सरकार ने मिलकर 4498 करोड़ रुपये किसानों की सहायता के लिए बांटे। इसमें 2801 करोड़ की सहायता केंद्र ने एनडीआरएफ मद से दी थी।
अनुपूरक बजट में किया गया था दो हजार करोड़ का ऐलान
जानकार बताते हैं कि इसके बावजूद करीब 92 लाख किसानों को सहायता नहीं मिल पाई है। इन किसानों को प्रदेश सरकार ने अपनी ओर से मदद देने के लिए वर्ष 2016-17 के अनुपूरक बजट में 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।
किसानों में यह रकम बांटने के लिए राजस्व महकमे को फॉर्मूला तैयार करने को कहा गया था। महकमे ने फॉर्मूला तैयार कर सीएम की सहमति के लिए भेज दिया है।
सूत्रों ने बताया कि फॉर्मूले के अंतर्गत लघु व सीमांत श्रेणी के सहायता न पाने वाले सभी किसानों को सहायता देने का प्रस्ताव है। इसमें प्रति हेक्टेयर 2200 रुपये मदद देने की बात कही गई है।
प्रस्ताव यह भी किया गया है कि किसी भी किसान को केंद्र के मानक के मुताबिक 1000 रुपये से कम की मदद न दी जाए। विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पहले अभियान चलाकर यह रकम बांटने की तैयारी है।