फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP govt to give cycle allowance to employees.

‘साइकिल’ वाले कर्मचारियों को तोहफा देगी अखिलेश सरकार

Sun, 22 May 2016 01:54 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 22 May 2016 01:54 AM IST
विज्ञापन
 UP govt to give cycle allowance to employees.
अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala

साइकिल को बढ़ावा देने में जुटी सपा सरकार ‘साइकिल’ वाले कर्मचारियों को साधने की तैयारी में है। वर्षों से साइकिल भत्ते को मोटर साइकिल भत्ते में बदलने की कर्मचारियों की मांग पर सरकार विधानसभा चुनाव से पहले विचार करने को तैयार हो गई है। वित्त विभाग ने इसके लिए विभागों से सूचनाएं मांगी हैं।

विज्ञापन


प्रदेश में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी में कई सेवा संवर्ग हैं जिनके कर्मियों को आज भी 100 रुपये साइकिल भत्ता मिलता है। इनमें लेखपाल, संग्रह अमीन, ग्राम पंचायत अधिकारियों के अलावा विभिन्न विभागों के कर्मचारी आते हैं। इनकी संख्या करीब एक लाख हो सकती है।
विज्ञापन


कर्मचारी संगठन यह तर्क देते रहे हैं कि पहले की अपेक्षा सरकारी कामकाज काफी बढ़ गया है। महंगाई  भी जबर्दस्त बढ़ी है, मगर साइकिल भत्ते में वर्षों से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजस्व विभाग के लेखपालों को मुख्य सचिव स्तर से साइकिल भत्ता को मोटर साइकिल भत्ते में बदलने का आश्वासन भी मिल चुका है, लेकिन इस पर अमल नहीं हो पाया।

ये दिए जा रहे हैं तर्क

 UP govt to give cycle allowance to employees.

शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले दिनों राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की ओर से यह मामला प्रमुख सचिव कार्मिक किशन सिंह अटोरिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में उठाया गया था।

कर्मचारी नेताओं ने कहा था कि फील्ड कर्मचारी पूरे दिन मोटर साइकिल से सरकारी काम करते हैं। इसमें हर महीने उनका काफी पैसा खर्च होता है। सरकार भी इसे मानती है।

ऐसे में साइकिल भत्ते को मोटर साइकिल भत्ते में बदला जाना चाहिए और इसके लिए तर्कसंगत राशि तय की जानी चाहिए। शासन ने इस मांग पर अब विचार का फैसला किया है।

वित्त विभाग ने सभी प्रशासकीय विभागों से पूछा है कि उनके यहां कितने कर्मचारी साइकिल भत्ता पा रहे हैं और कितना-कितना पा रहे हैं? इसके अलावा कई अन्य सूचनाएं भी मांगी गई हैं। ये सूचनाएं आने के बाद विभाग आगे की कार्यवाही करेगा।

कर्मचारियों को साधने के दो विकल्प

 UP govt to give cycle allowance to employees.

विधानसभा चुनाव के पहले ‘साइकिल’ वाले कर्मचारियों को साधने के दो तात्कालिक विकल्प नजर आ रहे हैं। पहला, साइकिल भत्ते में कुछ बढ़ोतरी कर दी जाए और मोटर साइकिल भत्ते की मांग को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर विचार के लिए गठित होने वाली समिति को संदर्भित कर दिया जाए।

दूसरा, सरकारी खजाना इजाजत दे तो मोटर साइकिल भत्ते को ही मंजूरी दे दी जाए। साइकिल वालों को मोटर साइकिल में अपग्रेड कर दिया जाए। हालांकि ये विकल्प होंगे या कोई और, इस पर निर्णय विभागों से सूचनाएं आने के बाद ही हो सकेगा।

इस पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी का कहना है कि फील्ड में सरकारी कर्मचारियों के काम तेजी से बढ़े हैं। इससे उनकी भागदौड़ भी बढ़ी है। हर अधिकारी यह देखता है कि उसका कर्मचारी मोटर साइकिल से काम कर रहा है।

इसके बावजूद मोटर साइकिल भत्ता तय करने को लेकर ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। यदि जल्द इस पर निर्णय नहीं होगा तो परिषद आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed