UP: सरकार के निशाने पर NGO, आएंगे 'बुरे दिन'
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आंगनबाड़ी केंद्रों में एनजीओ द्वारा बच्चों को परोसा जाने वाला हॉट एंड कुक्ड फूड योजना पर सरकार ने नजरें टेढ़ी कर दी हैं। लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए सरकार ने जांच कराने का फैसला किया है।
एनजीओ की जांच के लिए जिलों में टास्क फोर्स गठित कर लगातार छापे मारने के निर्देश दिए गए हैं। टास्क फोर्स से कमियों के साथ ही सुधार के लिए क्या-क्या उपाय हो सकते हैं यह भी पूछा जा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में हॉट कुक्ड फूड योजना के तहत बच्चों को दलिया या खिचड़ी परोसी जाती है। प्रदेश सरकार ने कई जिलों में खाना बनाकर पहुंचाने का जिम्मा एनजीओ को दे रखा है।
एनजीओ को खाना बनाने व पहुंचाने के लिए 2.25 रुपये प्रति बच्चा भुगतान किया जाता है जबकि इसमें लगने वाला राशन सरकार मुहैया कराती है।
इस तरह की मिल रहीं शिकायतें
इसमें एनजीओ की ओर से बच्चों को अच्छी गुणवत्ता का खाना न परोसने व कम मात्रा में देने की शिकायतें आ रही हैं। कई स्थानों पर समय से हॉट एंड कुक्ड फूड न मिलने की भी शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
इसी को देखते हुए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने सभी जिलों से अपने यहां टास्क फोर्स गठित कर सघन निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।
इसके लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को पत्र भी भेजा है। इसमें कहा गया है कि टास्क फोर्स ने कितने निरीक्षण किए और कहां-कहां क्या कमियां पाई गई हैं।
इनमें सुधार व निस्तारण किस तरह से हो सकता है। जिन जनपदों में ज्यादा गड़बड़ियां मिलेंगी वहां का काम दूसरे एनजीओ को भी दिया जा सकता है।
टास्क फोर्स करेगी सघन तलाशी
इस पर बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार के निदेशक आनंद कुमार सिंह का कहना है कि हॉट एंड कुक्ड फूड परोसने के मामले में कई जिलों से एनजीओ की शिकायतें मिल रही हैं। इसलिए टास्क फोर्स से सघन तलाशी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
लेकिन कई जिलों में टास्क फोर्स भी निरीक्षण नहीं कर रही है। इस मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारियों को चेतावनी दी गई है।
जहां से भी एनजीओ की ज्यादा शिकायतें आ रही हैं उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।