शिक्षामित्रों को वेतन न देने पर सरकार सख्त, मांगा रिकॉर्ड
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शिक्षामित्रों और समायोजित हो चुके शिक्षामित्रों को पूरा भुगतान न होने पर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।
बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने 30 अप्रैल तक भुगतान न करने वाले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और लेखाधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए हैं।
कई जिलों में अवैध उगाही के चक्कर में अधिकारियों ने समायोजित शिक्षामित्रों की बकाया राशि रोक रखी है। वे भुगतान के एवज में 5-10 फीसदी तक राशि मांग रहे हैं। इतना ही नहीं शिक्षामित्रों के मानदेय का भुगतान भी समय पर नहीं किया जा रहा है।
31 मार्च तक भुगतान की मांगी जानकारी
इसकी शिकायत शासन के उच्चाधिकारियों के अलावा बेसिक शिक्षा मंत्री से भी की गई। इस पर शासन ने सभी जिलों से 31 मार्च तक किए गए भुगतान की जानकारी मांगी है।
साथ ही 30 अप्रैल तक शत-प्रतिशत भुगतान न करने वाले बीएसए और लेखाधिकारियों को स्वत: स्पष्टीकरण भेजना होगा।
उनके जवाब उचित न पाए जाने पर प्रतिकूल प्रविष्टि देने का फैसला किया गया है।