शिक्षकों पर मेहरबान यूपी सरकार, दिया तोहफा
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माध्यमिक शिक्षा परिषद के सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में विषय विशेषज्ञ से शिक्षक बनने वालों के पूर्व के छह साल के शिक्षण कार्यों को उनके सेवाकाल में जोड़ने का फैसला किया गया है।
इससे उन्हें पुरानी पेंशन के साथ पदोन्नति में वरिष्ठता का लाभ मिलेगा, लेकिन उन्हें इस अवधि के वेतन के अंतर का वित्तीय लाभ नहीं दिया जाएगा।
2100 शिक्षकों को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार के इस फैसले से 2100 विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को फायदा मिलेगा। यह निर्णय मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया।
सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए वर्ष 2000 में विषय विशेषज्ञों को रखा गया था। इनकी नियुक्ति प्रवक्ता और एलटी शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की गई।
राज्य सरकार ने वर्ष 2006 में विषय विशेषज्ञों को पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा दे दिया, लेकिन इनके पूर्व के कार्यों को सेवाकाल में नहीं जोड़ा गया।
2005 से पहले नियुक्त शिक्षकों को लाभ
इससे विषय विशेषज्ञ से शिक्षक बनने वालों को पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिला, क्योंकि वर्ष 2005 से पहले तक नियुक्ति पाने वालों को ही इसका लाभ मिल सकता है।
कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार विषय विशेषज्ञों को उनके चयन वर्ष 2000 से ही शिक्षक माना गया है।
इससे उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ तो मिलेगा ही, पदोन्नति में वरिष्ठता के कारण प्रधानाचार्य के लिए होने वाले साक्षात्कार में भी लाभ मिलेगा।