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बड़ा सवालः कैसे भरेंगे बीएड की खाली 75 हजार सीटें?

Mon, 04 Aug 2014 10:21 PM IST
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 04 Aug 2014 10:21 PM IST
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UP govt ask about filling 75 thousand seats in B ed

शासन ने बुंदलेखंड विश्वविद्यालय से सूबे में बीएड की खाली 75 हजार से अधिक सीटों को भरने के संबंध में की गई कार्रवाई का ब्यौरा तलब किया है।

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शासन ने पूछा, इतनी बड़ी संख्या में खाली सीटों को कैसे भरा जाएगा। क्या इसके लिए कोई कार्यक्रम तय किया है। विवि से जानकारी मिलने पर ही शासन आगे की कार्रवाई करेगा।
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प्रदेश में मौजूदा समय बीएड की 1.38 लाख सीटें हैं। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी को संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामला

UP govt ask about filling 75 thousand seats in B ed

विवि ने जब प्रवेश परीक्षा पास होने वाले अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कराई तो 75 हजार से अधिक सीटें खाली रह गईं। वह दूसरे चरण की काउंसलिंग 21, 22 व 23 जुलाई को कराना चाहता था।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि बीएड प्रवेश परीक्षा में पास होने वालों अभ्यर्थियों की विवि स्तर पर महज एक ही बार काउंसलिंग कराई जाएगी।

लिहाजा विवि ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी, पर इस पर वहां को फैसला नहीं हो सका। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 12 अगस्त को होगी।

उधर, विश्वविद्यालय स्तर से बीएड की खाली सीटों को भरने के लिए कोई ठोस प्रयास न किए जाने की वजह से निजी कॉलेज प्रबंधकों ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा नीरज गुप्ता से मुलाकात की थी। इसका बाद ही शासन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से खाली सीटों को भरने के संबंध में ब्यौरा मांगा है।

विवि कर रहा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन

UP govt ask about filling 75 thousand seats in B ed

मामले पर उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित महाविद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी का कहना है कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराने वाला विश्वविद्यालय एक बार ही काउंसलिंग कराएगा। इसके बाद खाली बची सीटों को भरने के लिए निजी कॉलेज प्रबंधकों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी।

पर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक ऐसा नहीं किया है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन 75 हजार सीटों के खाली होने की बात कह रहा है जबकि उनकी जानकारी के मुताबिक करीब 87 हजार सीटें खाली हैं।

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सत्र पर पड़ सकता है असर

UP govt ask about filling 75 thousand seats in B ed

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक प्रवेश परीक्षा 20 से 25 अप्रैल के बीच कराने के साथ काउंसलिंग 20 जून के आसपास शुरू कर दी जाएगी।

पहले चरण की काउंसलिंग के बाद निजी कॉलेज प्रबंधकों से बातचीत करते हुए 16 सिंतबर तक हरहाल में दाखिले की प्रक्रिया पूरी करते हुए सत्र शुरू हो जाना चाहिए।

निजी कॉलेज प्रबंधन का दावा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन का यही हाल रहा, तो इस बार सत्र लेट होना तय है।

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