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इस प्लान से यूपी में डॉक्टरों की कमी पूरी करेगी यूपी सरकार

Fri, 19 May 2017 02:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 19 May 2017 02:02 AM IST
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UP Govt accepts lack of doctors in Uttar Pradesh.

यूपी सरकार ने बृहस्पतिवार को सदन में माना कि प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों की बेहद कमी है। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि प्रदेश में 18,382 डॉक्टरों के पद सृजित हैं। इनमें से मात्र 11, 034 डॉक्टर ही काम कर रहे हैं। 7,348 डॉक्टरों के पद खाली चल रहे हैं। डॉक्टरों की करीब 40 फीसदी कमी है।

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स्वास्थ्य मंत्री बृहस्पतिवार को विधान परिषद में एमएलसी शशांक यादव के प्रश्न का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की भर्ती उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से होती है, लेकिन वहां की प्रक्रिया इतनी सुस्त है कि भर्तियां हो ही नहीं पा रही हैं।
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ऐसे में सरकार जल्द ही पॉलिसी में बदलाव लाकर नियुक्तियां करने जा रही है। इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव पास कराया जाएगा। आयोग की परिधि के बाहर भी नियुक्तियां की जाएंगी।

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यूं खोली सपा के दावों की पोल

UP Govt accepts lack of doctors in Uttar Pradesh.

नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि पिछली सपा सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी काम किया है। डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ा दी गई है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आपके समय में 2090 डॉक्टरों की भर्ती के लिए अधियाचन भेजा गया था। केवल 1784 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई। इसमें भी मात्र 608 डॉक्टरों ने ही जॉइन किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014-15 से 2017-18 के लिए 5640 डॉक्टरों की भर्ती के लिए अधियाचन भेजा गया है। इनमें से 3286 पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया चल रही है।

जबसे भाजपा सरकार आई है, डॉक्टरों की कमी दूर करने के प्रयासों में जुटी है। जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

828 सीएचसी में मात्र 128 में एक्स-रे मशीनें

UP Govt accepts lack of doctors in Uttar Pradesh.

सरकार ने विधान परिषद में कहा कि सूबे में 828 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें से मात्र 128 में ही एक्स-रे मशीनें हैं। सभी सीएचसी में एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हों, इसके लिए नीति बनाई जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूरे सूबे में डॉक्टरों व टेक्नीशियन का असंतुलन है। जहां डॉक्टरों की जरूरत नहीं, वहां अधिक तैनात हैं, जहां जरूरत है वहां डॉक्टर ही नहीं हैं। इसके लिए टेक्निकल कमेटी बनाई गई है, जो मानक तय कर सभी अस्पतालों में डॉक्टरों व टेक्नीशियनों की तैनाती करेगी।

मंत्री विधान परिषद में कांग्रेस के सदस्य दिनेश प्रताप सिंह के प्रश्न का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि रायबरेली जिले में एक्स-रे टेक्नीशियन के 20 पद स्वीकृत हैं, इनमें से 17 पदों पर टेक्नीशियन तैनात हैं। कुछ ऐसे भी अस्पताल हैं जहां पर एक्स-रे मशीन नहीं है, लेकिन टेक्नीशियन तैनात हैं।

रायबरेली की हरचंदपुर सीएचसी में नई एक्स-रे मशीन के लिए 4.50 लाख रुपये मंजूर किए जा चुके हैं। मशीन खरीदने को चार बार टेंडर मंगाए जा चुके हैं, लेकिन इसमें किसी ने भी हिस्सा नहीं लिया। अब विशेषज्ञों की समिति की बैठक कर फिर से टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।

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