'आजम पर राष्ट्रपति से कोई बात नहीं करूंगा'
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अल्पसंख्यक कल्याण व नगर विकास मंत्री आजम खां की ओर से लिखी गई चिट्ठी पर राज्यपाल राम नाईक की निगाह अब सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के रुख पर है।
नाईक का कहना है कि वह अब इस मामले में कुछ भी कहना नहीं चाहते क्योंकि उनके स्पष्ट बोलने और आसानी से उपलब्धता का नाजायज फायदा मीडिया के कुछ लोग उठा रहे हैं। आजम का पत्र सपा प्रमुख और मुख्यमंत्री के संज्ञान में है और उन्हें इस मामले को देखना चाहिए।
आजम जिस तरह के वक्तव्य दे रहे हैं उस पर पद की गरिमा का ध्यान रखते हुए वह कोई टिप्पणी करना उचित नहीं समझते। राज्यपाल का यह भी कहना है कि आजम के पत्र में कोई सच्चाई ही नहीं है इसलिए वह बातचीत की कोई पहल नहीं करेंगे।
सोमवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में नाईक ने कहा कि आजम प्रकरण में वह मीडिया को जो भी जानकारी दे रहे हैं उसे लोग अपने-अपने ढंग से लिख रहे हैं। जो बात वह कह नहीं रहे वह भी लिखा जा रहा है।
'लोग उनका गलत लाभ उठा रहे हैं'
राज्यपाल ने कहा कि उन्हें लगता है कि लोग उनका गलत लाभ उठा रहे हैं। उन्हें जो भी कहना है वह पहले कह चुके हैं। अब इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहेंगे। अब जो भी करना है बतौर पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को करना है।
यह पूछने पर कि आजम ने उनकी शिकायत राष्ट्रपति से करने की बात कही है। क्या वह भी इस मामले पर राष्ट्रपति से बात करेंगे? नाईक ने कहा, वह राष्ट्रपति से कुछ नहीं कहेंगे। हर महीने वह अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजते ही हैं। राष्ट्रपति कुछ पूछेंगे तो वह उन्हें बता देंगे।
नाईक ने कहा, आजम ने पत्र में जो कुछ भी लिखा है या जो कुछ बोल रहे हैं वह अनुचित है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है। आजम के साथ बैठकर बात करने के सवाल पर नाईक ने कहा कि जिन बातों में कोई सच्चाई नहीं है उस पर बात क्या करें?