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तबादलों पर राज्यपाल ने सीएम को घेरा!

Mon, 02 Feb 2015 01:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर Updated Mon, 02 Feb 2015 01:27 AM IST
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UP governor raises question on transfers in Uttar Pradesh.

राज्यपाल राम नाईक ने बड़ी संख्या में आईएएस व आईपीएस अधिकारियों के तबादले पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि सूबे में महज अधिकारियों के तबादले से ही कानून व्यवस्था नहीं सुधरेगी। इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी पूरे मनोयोग से काम करना होगा।

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सूबे की कानून व्यवस्था में सुधार के लिए वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात करेंगे। उन्नाव में नरकंकाल मिलने की घटना पर आश्चर्य जताते हुए पूरे प्रकरण की जांच के लिए मुख्यमंत्री से बात करने को कहा। राज्यपाल अखिल भारतीय साहित्य परिषद के अधिवेशन में शामिल होने के बाद पत्रकारों से रूबरू थे।
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राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। जल्द ही वह इसके लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात करेंगे। अभी हाल ही में हुए 94 आईपीएस और 27 आईएएस अफसरों के तबादले पर पर कहा कि कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाने के लिए काम करने की जरूरत है। अधिकारियों के सिर्फ तबादले करने से कानून व्यवस्था नहीं सुधर सकती है।

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'अंग्रेजी स्वीकार नहीं है'

UP governor raises question on transfers in Uttar Pradesh.

राज्यपाल ने कहा कि पुलिस अधिकारी हों या डीएम हों या अन्य प्रशासनिक अधिकारी उनको बेहतर काम करना होगा। सभी में आपसी तालमेल व बेहतर समन्वय हो तभी राज्य की बिगड़ी कानून व्यवस्था में सुधार किया जा सकता है।

उन्नाव में पहले गंगा नदी के तट पर मिली लाशें और फिर मिले नरकंकालों की घटना पर भी आश्चर्य जताया। कहा कि इन मामलों की जांच होनी चाहिए। इस घटना की जांच के लिए वह मुख्यमंत्री से बात करेंगे, ताकि इन मामलों के दोषियों को सजा मिल सके।

इससे पूर्व परिषद के कार्यक्रम में राज्यपाल ने मातृ भाषा का महत्व समझाते हुए कहा कि प्राथमिक शिक्षा सिर्फ मातृ भाषा में ही होनी चाहिए। अंग्रेजी अंतर्राष्ट्रीय भाषा है, उसे भी सीखना चाहिए। अंग्रेजी का विरोध नहीं है, लेकिन अंग्रेजियत स्वीकार नहीं है।

सर्व धर्म समभाव पर कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि सभी धर्म श्रेष्ठ हैं। इसलिए सभी धर्मों को श्रेष्ठ समझने वाली श्रद्धा का सम्मान होना चाहिए। यही भारतीय धर्म है और लोगों की यही सोच होनी चाहिए।

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