फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP government will start mini nandini krishak samridhi yojna.

UP: यूपी में आधुनिक डेयरी इकाइयों की स्थापना करेगी सरकार, 'मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना' लॉन्च की

Fri, 25 Oct 2024 04:10 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 25 Oct 2024 04:10 PM IST
सार

योगी सरकार ने प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी बनाने के लिए योजना लॉन्च की है। इससे 10 देशी गायों की क्षमता वाली हाइटेक डेयरी इकाइयों की स्थापना से गौ पालकों को आर्थिक सशक्तिकरण मिलेगा।

विज्ञापन
UP government will start mini nandini krishak samridhi yojna.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : BJP@YouTube

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने एवं गौ पालकों को सशक्त बनाने के लिए उन्हे बड़ी सौगात दी है। योगी सरकार "मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना" लॉन्च कर योजना के तहत प्रदेश में आधुनिक डेयरी इकाइयों की स्थापना करेगी। इससे दुग्ध उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार होगा। इसके लिए योगी सरकार 1015 लाख रुपये खर्च करेगी।

विज्ञापन


दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में योगी सरकार का कदम
योगी सरकार ने प्रति पशु दुग्ध उत्पादन के राष्ट्रीय औसत को बढ़ाने के लिए मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की शुरुआत की है। दरअसल, उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में से एक है, लेकिन प्रति पशु दुग्ध उत्पादन की दृष्टि से राज्य राष्ट्रीय औसत से पीछे है। राज्य में वर्तमान में प्रति गाय औसतन 3.78 लीटर दूध का उत्पादन होता है, जो कि राष्ट्रीय औसत से कम है। वहीं, योजना के तहत योगी सरकार ने उच्च गुणवत्ता वाली स्वदेशी नस्लों की गायों का चयन कर हाइटेक डेयरी इकाइयों की स्थापना का निर्णय लिया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी में पोस्टर-वॉर: सपा के '27 के सत्ताधीश' के जवाब में निषाद पार्टी का जवाब, खुद को बताया '27 का खेवनहार'
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी के मंत्री संजय निषाद बोले- हमें सीट नहीं जीत चाहिए; डिप्टी सीएम ने कहा- अपना दल भी मिलकर लड़ेगा


योजना के जरिये 10 गायों की क्षमता वाली हाइटेक डेयरी इकाइयों की स्थापना की जाएगी। हर इकाई पर लगभग 23.60 लाख का खर्च आएगा, जिसमें सरकार और लाभार्थी दोनों का योगदान होगा। इन इकाइयों में केवल गिर, थारपारकर और साहीवाल जैसी उच्च गुणवत्ता वाली देशी नस्लों की गायें की खरीदी जाएंगी, जिनकी दुग्ध उत्पादन क्षमता अधिक होती है। योजना के तहत चुनी गई गायों की नस्ल का मूल्यांकन उनकी उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता के आधार पर किया जाएगा, जिससे अधिक दुग्ध उत्पादन सुनिश्चित हो सके।

गौ पालकों को वैज्ञानिक पद्धतियों से कराया जाएगा परिचित
योजना के तहत कैटल शेड और अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया जाएगा। इन संरचनाओं में पफ पैनल का उपयोग किया जाएगा, जिससे मौसम के प्रतिकूल प्रभाव से पशुओं की सुरक्षा हो सकेगी और उनका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। इसके अलावा, गौ पालकों को आधुनिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे नए तकनीकी साधनों का उपयोग कर अपने पशुओं की देखभाल और प्रबंधन कर सकें। गौ पालन में तीन वर्ष का अनुभव रखने वाले योग्य किसानों का चयन किया जाएगा ताकि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके। योजना से छोटे और सीमांत किसानों को सीधा लाभ होगा। साथ ही किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों से परिचित कराया जाएगा। इससे कम लागत में अधिक उत्पादन की संभावना बढ़ेगी। यह योजना सिर्फ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव भी लाना है। योजना के जरिए पशुपालकों को नए अवसर मिलेंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed