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Lucknow : निजी स्कूल में दो बहनों के पढ़ने पर एक की फीस भरेगी यूपी सरकार, अगले बजट में होगा प्रावधान
Thu, 26 Jan 2023 06:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 26 Jan 2023 06:04 AM IST
सार
इसके लिए अगले वित्त वर्ष के बजट में प्रावधान किया जा रहा है। इससे प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाली लाखों छात्राएं लाभान्वित होंगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
निजी स्कूलों में दो बहनों के पढ़ने पर एक की फीस राज्य सरकार भरेगी। इसके लिए अगले वित्त वर्ष के बजट में प्रावधान किया जा रहा है। इससे प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाली लाखों छात्राएं लाभान्वित होंगी।
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शासन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस घोषणा को लागू करने की तैयारी कर ली है। कुछ समय पहले योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर किसी स्कूल में दो सगी बहनें पढ़ती हैं, तो एक की फीस माफ करने के लिए उस स्कूल के प्रबंधन से अनुरोध किया जाए। अगर प्रबंधन के स्तर से ऐसा नहीं हो पाता है तो उनमें से एक बहन की फीस की भरपाई राज्य सरकार करेगी।
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इस प्रस्ताव को अगले साल के बजट में शामिल करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव भेज दिया है। शासन के सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए एक करोड़ रुपये के टोकन राशि की व्यवस्था की जाएगी। जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, वैसे-वैसे और राशि विभाग को दी जाएगी। टोकन राशि दिए जाने से वित्तीय नियमों के मद्देनजर मद (हेड) खुल जाएगा। इससे आवश्यकता के अनुसार बजट आवंटन में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
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पीडब्ल्यूडी के बजट में भी भारी वृद्धि संभव
लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार सड़कों के लिए बजट में भी उल्लेखनीय वृद्धि करने की तैयारी कर रही है। उच्चस्तरीय सूत्रों के अनुसार, अभी तक फोकस चालू कार्यों को पूरा करने पर था, लेकिन अगले वित्त वर्ष में नए कामों (शेड्यूल ऑफ न्यू डिमांड्स) के लिए भी पर्याप्त राशि का भुगतान होगा। इसमें ग्रामीण इलाकों की सड़कों को न्यूनतम 5 मीटर चौड़ी करने के लिए ठीकठाक धन की व्यवस्था होगी।
प्रमुख जिलास्तरीय सड़कों और राज्य राजमार्गों को भी न्यूनतम 7 मीटर तक चौड़ी करने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा सिंचाई विभाग और नगर विकास विभाग के लिए भी कई नई योजनाओं के लिए धन दिया जाएगा। बजट विशेषज्ञों की मानें तो अगले वित्त वर्ष का बजट 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का होगा। इस बारे में उच्चस्तर पर मंथन हो चुका है।