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अब यूपी सरकार बनाएगी गुड़, इन मिलों में लगेंगे ऑटोमेटिक गुड़ प्लांट

Mon, 01 Jan 2018 11:44 PM IST
राजेन्द्र सिंह, अमर उजाला, लखनऊ
राजेन्द्र सिंह, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 01 Jan 2018 11:44 PM IST
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  up government will establish automated jaggery plants
- फोटो : demo pic
साल 2018 की शुरुआत मिठास भरी खबर से। देश में सर्वाधिक चीनी उत्पादन का रिकॉर्ड बनाने के बाद राज्य सरकार अब गुड़ बनाकर देश-विदेश में उसकी मार्केटिंग करेगी। शुरुआती दौर में कम पेराई क्षमता वाली चार सहकारी चीनी मिलों में ऑटोमेटिक गुड़ प्लांट लगाए जाएंगे।
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उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ (शुगर फेडरेशन) ने पावर जेनरेशन के साथ ऑटोमेटिक गुड़ प्लांट स्थापित करने के लिए 10 जनवरी को देश के अनुभवी फर्मों व कंपनियों को आमंत्रित किया है। इस दिन इनके प्रतिनिधि प्रजेंटेशन भी देंगे। शुगर फेडरेशन के अधिकारी कंपनियों से उनकी शर्तों पर भी बातचीत करेंगे।
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प्रदेश भर में निजी कोल्हुओं पर गुड़ बनाया जाता है। इनका संचालन आम तौर पर किसान ही करते हैं लेकिन पेराई क्षमता कम होने के कारण गुड़ का उत्पादन ज्यादा नहीं हो पाता। गुड़ की मांग प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ ही हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत नेपाल व अन्य पड़ोसी मुल्कों में भी है।
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गुड़ का भाव भी प्राय: चीनी से अधिक रहता है। अभी तक राज्य सरकार के स्तर पर गुड़ के उत्पादन और मार्केटिंग की कोशिश नहीं हुई थी। पहली बार शुगर फेडरेशन इसके लिए आगे आया है।

वर्षों से घाटे में चल रहीं इन मिलों का होगा उद्धार

  up government will establish automated jaggery plants
फेडरेशन की सुल्तानपुर, कायमगंज (फर्रुखाबाद), साथा (अलीगढ़) और बदायूं इकाइयां मात्र 1250 टन प्रतिदिन पेराई क्षमता की हैं। ये मिलें जिन इलाकों में हैं, वहां गन्ना उत्पादन भी ज्यादा नहीं है। सबसे कम क्षमता वाली ये मिलें वर्षों से घाटे में चल रही हैं। इन मिलों को घाटे से उबारने और किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए इन्हें ऑटोमेटिक गुड़ प्लांट में बदलने की योजना है।
 
जहां गन्ना उत्पादन कम, वहां लगेंगे गुड़ प्लांट
प्रदेश सरकार की योजना उन जिलों में प्राथमिकता के आधार पर गुड़ प्लांट लगाने की है, जहां गन्ने का उत्पाद कम होता है। ऐसे स्थानों पर प्रतिदिन 500 टन गन्ना पेराई क्षमता के गुड़ प्लांट लगाए जाएंगे। शुगर फेडरेशन के एमडी सुरेश कुमार सिंह का कहना है मिलों में चीनी बनने से पहले स्टेज पर गुड़ बनेगा। चीनी मिल को गुड़ प्लांट में बदलने के लिए टरबाइन और बॉयलर नहीं बदलने पड़ेंगे। ऑटोमेटिक गुड़ प्लांट कम पूंजी में लग सकता है। फेडरेशन की कोशिश है कि एक नया गुड़ प्लांट जल्द लगाया जाए।

इस संबंध में गन्ना राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य किसानों की आमदनी बढ़ाकर खुशहाली लाना है। गुड़ की तरफ बढ़ते रुझान और किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान के लिए नए गुड़ प्लांट लगाने की योजना है।
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