7वां वेतन आयोग: जानें समिति के सिफारिश के बाद किसको होगा कितना फायदा
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वजह, बड़ा अफसर हो या छोटा कर्मचारी, हर किसी को एक ही फार्मूले पर साधने की कोशिश की गई है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट मंगलवार को राज्य वेतन समिति की संस्तुतियों पर अंतिम फैसला करेगी।
प्रदेश की सरकारी सेवा में प्रांतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सबसे बड़े ओहदेदार माने जाते हैं। इस सेवा में डिप्टी कलेक्टर पहले पायदान पर हैं। एसडीएम से सेवा शुरू कर रहे कर्मियों को राज्य वेतन समिति की संस्तुतियां स्वीकार किए जाने पर 8,850 रुपये महीने का फायदा होने वाला है।
यानी एक लाख रुपये वार्षिक से ज्यादा। इसके बाद सचिवालय सेवा में सहायक समीक्षा अधिकारी का पद सीधी भर्ती का एंट्री लेवल पद माना जाता है। इस पद से नौकरी शुरू करने वाले कर्मी को 6,335 रुपये महीने का फायदा हो सकता है।
प्रदेश में शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मियों की बात करें तो सूबे में इनकी तादाद 5.50 लाख से ज्यादा है। इनमें प्राथमिक शिक्षकों की संख्या सबसे अधिक है। बेसिक स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी शुरू करने वाले शिक्षकों को 5,025 रुपये महीने का फायदा हो सकता है।
प्रदेश में राज्य कर्मचारियों की संख्या साढ़े आठ लाख से अधिक बताई जाती है। इनमें 6,460 रुपये वेतनमान और 2,000 ग्रेड पे पर कार्यरत कर्मियों की बात करें तो इन्हें करीब 3,365 रुपये का फायदा होने की संभावना है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की तादाद भी अच्छी खासी है। लेकिन ग्रामीण सफाई कर्मी के पद पर 5,200 रुपये वेतनमान और 1,800 ग्रेड पे में कार्यरत कर्मियों की बात करें तो इन्हें सिर्फ 2,250 रुपये का ही फायदा हो रहा है।
नए वेतन के निर्धारण का फार्मूला
नए वेतन के लिए वर्तमान वेतन बैंड के वेतनमान और ग्रेड पे को जोड़कर 2.57 से गुणा किया जाएगा। इससे प्राप्त राशि नए वेतन मैट्रिक्स में स्लैब के हिसाब से तलाशी जाएगी।
यदि इस राशि के बराबर राशि समुचित स्लैब में उपलब्ध नहीं है तो, उसे ही संशोधित वेतनमान मान लिया जाएगा। अन्यथा उस लेबल में अगले स्लैब को स्वीकार किया जाएगा।
नया वेतन फार्मूला: (वेतन बैंड में वेतन+ग्रेड पे) × 2.57
पुराना वेतन फार्मूला : वर्तमान वेतनमान + ग्रेड पे +(वेतनमान व ग्रेड-पे के जोड़ का 125 प्रतिशत महंगाई भत्ता)
खास बात
- नए वेतन में भत्तों को शामिल नहीं किया गया है। गणना से प्राप्ति वृद्धि शुद्ध रूप से वेतन में वृद्धि होगी। नए वेतन के साथ कर्मी पूर्व की तरह भत्ते व अन्य सुविधाएं पाते रहेंगे। पुराने वेतन का मतलब वेतनमान व ग्रेड पे का जोड़ है।
- गणना में सभी पदों के एंट्री लेवल को लिया गया है। इसी हिसाब से कर्मी अपने लाभ की गणना कर सकते हैं।
- राज्य वेतन समिति ने केंद्र सरकार के नए वेतन निर्धारण केफार्मूले को हूबहू स्वीकार किए जाने की संस्तुति की है। आठ वेतन बैंड और 14 ग्रेड-पे में तैयार नई वेतन मैट्रिक्स में कर्मी को अपने फायदे तलाशने के लिए 40 लेबल में घूमना पड़ेगा।
पीसीएस को होगा ये फायदा
पीसीएस : डिप्टी कलेक्टर
वर्तमान में पा रहे : वेतनमान : 15600
ग्रेड पे : 5400
डीए : मूल वेतन का 125 फीसदी
नकद प्राप्ति : वेतनमान 15600+ ग्रेड पे 5400+(21000 का 125 प्रतिशत)
=21000+ (26250)
= 21000+26250
= 47250
नए फार्मूले के अनुसार : 21000× 2.57
= 53970
= नई वेतन मैट्रिक्स में मौजूदा 15600 रुपये वेतनमान व 5400 रुपये ग्रेड पे के लिए पहला स्लैब 56100 रुपये है। फार्मूले से प्राप्त रकम पहले स्लैब से कम है। नियम के मुताबिक वेतन मैट्रिक्स में पहले लेबल के स्लैब का वेतन 56100 रुपये बनेगा।
नया वेतन- 56100
फायदा = नई मैट्रिक्स में वेतन- पुराना वेतन
= 56100-47250
फायदा = 8850
सहायक समीक्षा अधिकारी व लेखपाल को फायदा
वर्तमान में पा रहे : वेतनमान : 12540
ग्रेड पे : 4600
डीए : मूल वेतन का 125 फीसदी
नकद प्राप्ति : वेतनमान 12540+ ग्रेड पे 4600+(17140 का 125 प्रतिशत)
=17140+ (21425)
= 17140+21425
= 38565
नए फार्मूले के अनुसार : 17140× 2.57
= 44049
= फर्स्ट स्लैब इससे अधिक 44900 है।
नया वेतन- 44900
फायदा = नई मैट्रिक्स में वेतन- पुराना वेतन
= 44900-38565
फायदा = 6335
राज्य कर्मचारी : लेखपाल
वर्तमान में पा रहे : वेतनमान 6460
ग्रेड पे 2000
डीए : मूल वेतन का 125 फीसदी
नकद प्राप्ति : वेतनमान 6460+ ग्रेड पे 2000+(8460 का 125 प्रतिशत)
=8460+ (10575)
= 8460+10575
= 19035
नए फार्मूले के अनुसार : 8460× 2.57
= 21742
= नई वेतन मैट्रिक्स में 5200 वेतनमान व 2000 ग्रेड पे का पहला स्लैब 21700 रुपये है। फार्मूले से प्राप्त रकम पहले स्लैब से अधिक है। नियम के मुताबिक दूसरे लेविल के स्लैब का वेतन 22400 बनेगा।
नया वेतन: 22400 रुपये
फायदा = नई मैट्रिक्स में वेतन- पुराना वेतन
= 22400-19035
फायदा = 3365
शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी कर्मी को फायदा
वर्तमान में पा रहे :
वेतनमान : 9300
ग्रेड पे : 4200
डीए : मूल वेतन का 125 फीसदी
नकद प्राप्ति : वेतनमान 9300+ ग्रेड पे 4200+(13500 का 125 प्रतिशत)
=13500+ (16875)
= 13500+16875
= 30375
नए फार्मूले के अनुसार : 13500× 2.57
= 34695
= फर्स्ट स्लैब इससे अधिक 35400 है।
नया वेतन- 35400
फायदा = नई मैट्रिक्स में वेतन- पुराना वेतन
= 35400-30375
फायदा = 5025 रुपये
चतुर्थ श्रेणी : सफाई कर्मी (पंचायतीराज विभाग)
वर्तमान में पा रहे :
वेतनमान : 5200
ग्रेड पे : 1800
डीए : मूल वेतन का 125 फीसदी
नकद प्राप्ति : वेतनमान 5200+ ग्रेड पे 1800+(7000 का 125 प्रतिशत)
=7000+ (8750)
= 7000+8750
= 15750
नए फार्मूले के अनुसार : 7000× 2.57
= 17990
= फर्स्ट स्लैब इससे अधिक 18000 है।
नया वेतन- 18000
फायदा = नई मैट्रिक्स में वेतन- पुराना वेतन
= 18000-15750
फायदा = 2250 रुपये
निगमों, निकायों को शर्तों तले नए लाभ की सिफारिश
राज्य वेतन समिति ने प्रदेश के सार्वजनिक उप्रक्रमों, निगमों, नगरीय निकायों, जिला पंचायतों, जल संस्थानों, विकास प्राधिकरणों व स्वशासी संस्थाओं के कार्मिकों को नए वेतन व महंगाई भत्ते का लाभ राज्यकर्मियों की तरह एक जनवरी 2016 से देने की संस्तुति अपनी पहली रिपोर्ट में जरूर कर दी हैं, लेकिन इन्हें ये लाभ पाने के लिए अभी भी पहले की तरह काफी मशक्कत करनी होगी।
वजह, वेतन समिति ने नया वेतन देने के लिए पूर्व से चली आ रही शर्तों, प्रतिबंधों व प्रक्रियाओं को बनाए रखा है। इससे इन्हें हर लाभ पाने के लिए निदेशक मंडल के साथ-साथ शासन का चक्कर काटना पड़ेगा। हालांकि यह पहला मौका है जब इन संस्थाओं को समिति ने अपनी पहली रिपोर्ट में स्थान दिया है। पिछली वेतन समिति ने सातवीं रिपोर्ट में इनके बारे में चर्चा की थी।
खर्च अनुमान
राज्य वेतन समिति की संस्तुतियों को लागू करने पर राज्य सरकार को 16825.11 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक व्यय भार वहन करना पड़ेगा। चालू वित्त वर्ष 2016-17 के 14 महीने के लिए 19629.29 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।