यूपी में पीएफ घोटाले पर कांग्रेस की मांग, ऊर्जा मंत्री को तुरंत बर्खास्त करे योगी सरकार
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के 45 हजार से ज्यादा कर्मचारियों के जीवन भर की कमाई डूब गई है। सरकारीकर्मियों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा घोटाला नहीं हो सकता था। भाजपा सरकार की डीएचएफएल कंपनी से मिलीभगत थी, इसलिए कार्रवाई के बजाय वह खुद को बचाने में लगी रही।
लल्लू ने कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के ट्वीट के बाद सरकार चेती, पर नीचे के कुछ अधिकारियों के खिलाफ नाममात्र की ही कार्रवाई की।
उन्होंने मांग की कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सरकार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, पावर कॉर्पोरेशन के तत्कालीन चेयरमैन व एमडी को बर्खास्त का उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी चाहिए।
गुमनाम शिकायत के बाद भी सरकार ने नहीं की कोई कार्रवाई
उन्होंने कहा कि 10 जुलाई को की गई गुमनाम शिकायत की पुष्टि 28 अगस्त को हो गई थी, फिर भी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि भाजपा को मिले चंदे के आरोपों की जांच भी जरूरी है। डीएचएफएल सेबी में रजिस्टर्ड नहीं है और असुरक्षित है।
कर्मचारियों के 99 प्रतिशत फंड को निर्धारित नियमों के खिलाफ जाकर तीन निजी कंपनियों में निवेश किया गया। इसमें डीएचएफएल में अकेले 65 प्रतिशत राशि निवेश की गई। इसकी जिम्मेदारी ऊर्जा मंत्री को खुद लेनी चाहिए।