यूपी : सरकार का गुपचुप तबादले करने व दबाने में ध्यान, रिक्त पद भरने का समय ही नहीं
सरकार ने रविवार आधी रात बाद 11 व सोमवार को दो समेत कुल-13 आईएएस/पीसीएस अफसरों के तबादले किए। लेकिन कोई भी तबादला न तो विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किए गए और न ही व्हाट्सएप ग्रुप पर ही डाले गए।
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सरकार का पूरा ध्यान गुपचुप तबादलों को दबाने में लगा है। लंबे समय से वेटिंग के अफसरों की तैनाती व रिक्त पदों को भरने की फुर्सत नहीं है। इससे आईएएस व पीसीएस अफसरों में नाराजगी है। सरकार ने रविवार आधी रात बाद 11 व सोमवार को दो समेत कुल-13 आईएएस/पीसीएस अफसरों के तबादले किए। लेकिन कोई भी तबादला आदेश आधिकारिक रूप से पब्लिक डोमेन में उपलब्ध नहीं कराए गए। न तो तबादले विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किए गए और न ही व्हाट्सएप ग्रुप पर ही डाले गए। वरिष्ठ अफसरों का कहना है कि वाजिब कारण के बावजूद तमाम अफसरों के तबादले नहीं किए जा रहे हैं। इसके लिए दो वर्ष से तबादलों पर रोक का बहाना बता दिया जाता है। लेकिन, जिनका जुगाड़ है, उनके तबादले गुपचुप तरीके से प्रशासनिक आधार पर वर्ष भर किए जाते रहते हैं। यह काम पिछले दो वर्ष से चल रहा है।
अफसरों की तैनाती में पिक एंड चूज की स्थिति केवल पीसीएस अफसरों के साथ नहीं है। आईएएस अफसरों की तैनाती में भी ऐसे ही चल रहा है। एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बताते हैं कि 2008 बैच के आईएएस अधिकारी विद्या भूषण 12 अप्रैल को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से यूपी लौटे थे। डेढ़ महीने हो गए, तैनाती का इंतजार कर रहे हैं। 2006 बैच के राजीव शर्मा 3 नवंबर 2020 से व शाहिद मंजर अब्बास रिजवी 13 अप्रैल से प्रतीक्षा में है। इनकी भी तैनाती नहीं की गई है। ये किस वजह से वेटिंग में हैं आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
2003 बैच के आईएएस अधिकारी रिग्जियान सैम्फिल अंतर्राज्यीय प्रतिनियुक्ति से लौटकर 10 अप्रैल को आए थे। सरकार ने सैम्फिल की तैनाती एक महीने 20 दिन बाद तब की जब आबकारी आयुक्त को हटाने की नौबत आई। लेकिन, इसी महीने छुट्टी से लौटी 2003 बैच की अमृता सोनी को सैम्फिल से पहले तैनाती दी गई। यही नहीं राजस्व परिषद के चेयरमैन का पद भी एक महीने से खाली है। राजस्व परिषद के चैयरमैन दीपक त्रिवेदी की 29 अप्रैल को मृत्यु हो गई थी। सरकार तब से नए अध्यक्ष की तैनाती नहीं कर पा रही है।