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मुख्यमंत्री योगी ने नव नियुक्त शिक्षा अधिकारियों को दिए नियुक्ति पत्र, बोले- हमने चार साल में चार लाख सरकारी नौकरियां दी

Sat, 13 Mar 2021 03:04 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 13 Mar 2021 03:04 PM IST
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UP government has given 4 lakh jobs in last four years says Yogi Adityanath.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा परिषद के नव नियुक्त खंड शिक्षा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र बांटे। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्ष के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में चार लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने में सफल हुए हैं।

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  मुख्यमंत्री योगी ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं को पारदर्शी और सुचितापूर्ण तरीके से नियुक्ति पत्र देकर उनकी प्रतिभा और ऊर्जा का लाभ प्रदेश के विकास के लिए ले पाने में सफल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से चार वर्ष पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की गरिमा दांव पर लगी थी। जाति, क्षेत्र, मत और मजहब देखकर नियुक्तियां दी जाती थी। धनबल और बाहुबल का का भरपूर दुरुपयोग होता था। उन स्थितियों में पारदर्शिता और सुचिता कपोल कल्पना मात्र थी। लेकिन, आज सभी चयन आयोगों से पारदर्शी तरीके से अभ्यर्थियों का चयन हो रहा है।
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उन्होंने बताया कि सरकार ने आयोगों और बोर्डों को पहले ही कह दिया था कि कहीं भी पक्षपात या भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई होगी। इसी का परिणाम है कि आज कोई भी युवा भ्रष्टाचार की शिकायत नहीं करता है। सीएम योगी ने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश में हर दूसरे-तीसरे दिन बड़ा दंगा होता था। इन दंगों के कारण प्रदेश की छवि प्रभावित होती थी। आम आदमी परेशान होते थे।

इस पर नियंत्रण के लिए पुलिस बल की आवश्यकता थी, लेकिन पुलिस कर्मियों की संख्या कम थी। तीन लाख की बजाए सवा लाख बल ही मौजूद था। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पीएसी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन उसकी 54 कंपनियां समाप्त कर दी गई थी। तब प्रदेश सरकार ने कहा कि पूरी पारदर्शी तरीके से भर्ती की प्रक्रिया होनी है, जिसमें महिलाओं को प्राथमिकता दी गई। इसी का परिणाम है कि चार वर्षों के दौरान डेढ़ लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई।

अभ्यर्थियों से पूछा कि भर्ती के दौरान किसी को सिफारिश की आवश्यकता पड़ी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से पूछा कि भर्ती के दौरान किसी को सिफारिश की आवश्यकता पड़ी? जवाब नहीं में आया तो सीएम योगी ने फिर पूछा कि किसी अधिकारी नेता, मंत्री या उनके घर के लोग आपसे पैसे वसूलने के लिए आए हों? इसका भी जवाब नहीं में आया तो उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले ऐसा होता था। कोई खानदान था जिनमें अलग-अलग भर्ती आवंटित हो जाती थी कि ये भर्ती चाचा देखेंगे, ये भर्ती भाई देखेंगे या भतीजा देखेगा। ये चाचा, काका, मामा ये महाभारत काल में सुने होंगे या फिर वर्ष 2012 से 2017 के बीच में सुने होंगे। ये महाभारत के वही पात्र हैं जिन्होंने फिर से जन्म लिया है।

ऐसे लोगों ने फिर से प्रदेश के विकास को बाधित किया। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने खंड शिक्षा अधिकारियों के लिए 309 पदों पर विज्ञापन निकाला था, जिसमें से 271 सफल घोषित हुए। प्रदेश में 12 साल बाद खंड शिक्षा अधिकारियों की नियुक्ति हुई है। खंड शिक्षा अधिकारी 2019 की मुख्य परीक्षा में 271 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए थे। खंड शिक्षा अधिकारी 2019 की मुख्य परीक्षा 6 दिसंबर, 2020 को आयोजित हुई थी। इस परीक्षा में कुल 4182 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

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