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यूपी: नकली कफ सिरप पर सरकार की दो टूक, अब तक नहीं हुई है एक भी मौत; आईजी स्तर पर गठित हुई कमेटी

Mon, 08 Dec 2025 10:39 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 08 Dec 2025 10:39 PM IST
सार

Fake cough syrup in UP: यूपी में नकली कफ सिरप के मामले पर सरकार ने चुप्पी तोड़ी है।  प्रमुख सचिव गृह ने कहा कि कोडीन युक्त कफ सिरप से प्रदेश में किसी की भी मौत नहीं हुई है। 

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UP: Government denies any deaths due to fake cough syrup; IG-level committee formed
यूपी में कफ सिरप मामला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कोडीन युक्त कफ सिरप के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।  प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा कोडीन प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के तहत कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों की स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर अत्यन्त गंभीर है। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि सभी दवाइयां मानक के अनुरूप होनी चाहिए तथा मानक के अनुरूप न पाये जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रमुख सचिव गृह ने यह भी बताया कि कोडीन युक्त कफ सिरप से प्रदेश में किसी की भी मौत नहीं हुई है।  उन्होंने कहा कि पुलिस महानिरीक्षक की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है, जिसमें एफएसडीए के अफसरों को शामिल करते हुए कोडीन युक्त कफ सिरप की जांच करने हेतु निर्देश दिये गये हैं। 

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‘नशा मुक्त भारत, नशा मुक्त उत्तर प्रदेश’ के तहत अभियान संचालित
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि ‘नशा मुक्त भारत, नशा मुक्त उत्तर प्रदेश’ के तहत कार्रवाई के दौरन 28 जनपदों के कुल 128 दवा प्रतिष्ठानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, जनपदीय पुलिस तथा यूपी एसटीएफ द्वारा समन्वित अभियान पिछले दो महीनों में और एंटी नारकोटिक्स के संयुक्त अभियान में प्रदेश में औषधियों के अवैध व्यापार का भंडाफोड़ किया गया और बड़ी मात्रा में अवैध कफ सिरप जब्त किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया या अन्य किसी भी तरह से गलत या भ्रामक अफवाह फैलाने पर नियमानुसार कार्रवाही की जा रही है, जिसके तहत वाराणसी में एफआईआर भी दर्ज की गई है। 

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कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी और अवैध बिक्री का खुलासा

UP: Government denies any deaths due to fake cough syrup; IG-level committee formed
प्रेस वार्ता में यूपी डीजीपी और संजय प्रसाद। - फोटो : अमर उजाला।

एफएसडीए द्वारा केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (मध्य प्रदेश) से प्राप्त महत्वपूर्ण इनपुट के आधार पर औषधि विभाग के विभिन्न औषधि निरीक्षकों द्वारा हिमाचल प्रदेश स्थित दो, उत्तराखंड राज्य स्थित तीन कोडीन युक्त कफ सिरप के निर्माता फर्मों एवं हरियाणा राज्य स्थित निर्माता फर्म के एक डिपो व झारखंड राज्य के रांची स्थित एक बहुराष्ट्रीय निर्माता फर्म के सुपर स्टॉकिस्ट सैली ट्रेडर्स की गहन जांच कर, कोडीन युक्त कफ सिरप के निर्माण, भंडारण, क्रय-विक्रय एवं वितरण संबंधित सूचना व अभिलेखों को प्राप्त किया गया। यूपी के कई जिलों जैसे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गाजियाबाद में बिना पर्चे और बिना लाइसेंस के बड़ी मात्रा में कोडीनयुक्त सिरप की अवैध बिक्री की जा रही थी। कुछ प्रतिष्ठानों ने अवैध तरीके से 1 से 3 लाख कोडीन युक्त कफ सिरप बेंचे। यह स्पष्ट करता है कि अवैध रूप से तैयार माल नशे के रूप में युवाओं को बेचा जा रहा था। कोडीन युक्त कफ सिरप के तार बांग्लादेश और नेपाल से भी जुड़े हैं। 

279 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, दोषियों पर बड़ी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग की सचिव रोशन जैकब ने कोडीन युक्त कफ सिरप के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि औषधि विभाग ने पूरे अभियान में 279 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। कई स्थानों पर कोडीन युक्त सिरप को मेडिसिन नहीं बल्कि नशे के रूप में बेचने की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि अवैध भंडारण, नकली स्टॉक और अवैध बिक्री के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। जांच में यह भी पाया गया कि सिरप की अवैध बिक्री का सबसे अधिक उपयोग वाराणसी, गाजियाबाद और जनपद वाराणसी क्षेत्र के आसपास हो रहा था। 

128 एफआईआर दर्ज, अभियुक्तों की धर-पकड़ जारी

औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 128 एफआईआर दर्ज की गईं। इनमें एनडीपीएस एक्ट  तहत कार्रवाई भी शामिल है। इस अभियान के तहत वाराणसी में 38, अलीगढ़ में 16, कानपुर में 08, गाजियाबाद में 06, महाराजगंज में 04, लखनऊ में 04 और अन्य जिलों में 52 मुकदमें दर्ज हुए। 

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सोशल मीडिया पर झूठा आरोप लगाने के मामले में एफआईआर दर्ज

वाराणसी कमिश्नरेट में अम्बरीश कुमार सिंह की तहरीर पर अमिताभ ठाकुर, नूतन ठाकुर एवं अन्य के विरुद्ध सोशल मीडिया के माध्यम से उनके खिलाफ कथित रूप से आपराधिक प्रकरण में संलिप्तता का झूठा आरोप लगाकर सामाजिक प्रतिष्ठा और छवि धूमिल करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना चौक पर मामला अपराध संख्या 155/25, धारा 196, 229, 356(2), 356(3) बीएनएस के अंतर्गत 8 दिसंबर 2025 को पंजीकृत किया गया है। पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस प्रकरण में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने अथवा तथ्यहीन और भ्रामक पोस्ट प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की गई है कि वे केवल सत्यापित तथ्यों पर आधारित सामग्री ही साझा करें।

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