यूपी के बजट में लोकलुभावन योजनाओं की होगी बौछार, किसानों के लिए खुलेगा खजाना
उत्तर प्रदेश के 2019-20 के आम बजट पर लोकसभा चुनाव की पूरी छाया नजर आएगी। इसमें लोकलुभावन योजनाओं की बौछार हो सकती है। सरकार पढ़े-लिखे किसानों को कृषि उद्यमी के तौर पर आगे बढ़ाने के लिए नई योजना तैयार कर रही है।
किसान समर्थ योजना के तौर पर इसमें तीन लाख रुपये की पूंजी लगाकर 32.5 लाख रुपये तक पा सकेंगे। इसमें 20 लाख रुपये बतौर अनुदान पा सकेंगे। प्रदेश सरकार को इस बात के संकेत मिल चुके हैं कि केंद्र सरकार किसानों के लिए खजाना खोलने वाली है।
ऐसे में प्रदेश सरकार पढ़े-लिखे किसानों को कृषि से जुड़े उद्यम स्थापित करने के लिए आकर्षक योजना लेकर आने वाली है। सरकार स्नातक किसानों के लिए कृषि सेवा केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव तैयार कर रही है। इसमें कृषि यंत्रों की खरीद के लिए 32.50 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट मंजूर किए जा सकेंगे। इसमें केंद्र व राज्य सरकार 10-10 लाख रुपये बतौर अनुदान देगी। उद्यमी को तीन लाख रुपये का अंशदान करना होगा। बाकी 9.50 लाख रुपये बैंक से ऋण दिलाया जाएगा।
एक हजार कृषि समर्थ केंद्रों की स्थापना का भी हो सकता है एलान
सरकार बैंक के ब्याज में चार वर्ष तक पांच फीसदी की दर से और केंद्र के किराये पर तीन वर्ष तक 2000 रुपये प्रतिमाह छूट देने का भी एलान कर सकती है। राज्य सरकार आगामी तीन वित्तीय वर्ष में 1000 कृषि समर्थ केंद्र की स्थापना करने का एलान कर सकती है।
प्रत्येक परिवार की महिलाओं तक पहुंच बनाने के लिए बालिका प्रोत्साहन से जुड़ी स्कीम भी तैयार हो रही है। इसमें बेटी के जन्म से उसकी पढ़ाई के दौरान समय-समय पर नकद रकम और 21 वर्ष की होने पर एकमुश्त रकम देने की योजना है।
इसके अलावा इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी सड़क, बिजली, पानी, एक्सप्रेस-वे, डिफेंस कॉरीडोर व हवाई सुविधाओं के साथ धार्मिक स्थलों के विकास और पर्यटन से जुड़े प्रोजेक्ट पर खास ध्यान रहेगा।