यूपी: पांच दिन की पुलिस रिमांड पर चारों आतंकी, प्रदेश को दहलाने की थी साजिश; ये शहर थे निशाने पर
UP ATS arrests :यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए आतंकी साकिब, अरबाब, लोकेश एवं विकास को एटीएस के न्यायाधीश जैनेंद्र कुमार पांडे ने पांच दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने का आदेश दिया है।
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देश के प्रमुख स्थानों, रेलवे ट्रैक के सिग्नल बॉक्स और वाहनों में आगजनी कर दहशत फैलाने की साजिश रचकर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का प्रयास करने के मामले में गिरफ्तार किए गए आतंकी साकिब, अरबाब, लोकेश एवं विकास को एटीएस के न्यायाधीश जैनेंद्र कुमार पांडे ने पांच दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने का आदेश दिया है। एटीएस आरोपियों को पांच अप्रैल की सुबह 10 बजे से नौ अप्रैल की शाम छह बजे तक हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकेगी।
इसके पहले एटीएस ने आरोपियों को पूछताछ के लिए 10 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने की मांग वाली अर्जी दी गई। इसपर सुनवाई के लिए शनिवार को आरोपियों को जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया गया। रिमांड अर्जी स्वीकार कर एटीएस की ओर से कहा गया कि सूचना मिली कि कुछ भारतीय व्यक्तियों का एक गिरोह है, जो पाकिस्तानी हैंडलरों के निरंतर संपर्क में है।
यह गिरोह सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यमों से देश विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों एवं राजनैतिक व्यक्तियों की रेकी कर उनकी जानकारी हासिल करना है। इसके बाद सभी जानकारी पाकिस्तानी हैंडलरों को उपलब्ध कराना है। अर्जी में यह भी कहा गया है कि सूचना के अनुसार रेलवे सिग्नल बॉक्स एवं वाहनों में आग लगाकर रेल यातायात को बाधित करने का प्रयास करेंगे। इससे सामूहिक जान माल का खतरा होगा और उनका वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलरों को भेज सकेंगे।
बताया किन स्थानों पर की गई रेकी
बहस के दौरान कोर्ट को बताया गया कि आरोपियों के पास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का डाटा परीक्षण कराने व उनकी ओर से किन-किन स्थानों की रेकी की गई है यह भी पता लगाना है। इसके अलावा आरोपियों के बैंक खातों आदि का विश्लेषण कर उनके संबंध में गहन पूछताछ भी की जानी है। कहा गया कि आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर किन-किन स्थानों की रेकी की गई है और उन स्थानों का चिन्हीकरण कर पॉइंट आउट मेमो तैयार किए जाने के संबंध में जानकारी प्राप्त करनी है। इसके अलावा आरोपियों ने किन-किन धार्मिक नेताओं एवं महत्वपूर्ण स्थान की रेकी की है, यह भी पता लगाना है। एटीएस ने आरोपियों को दो अप्रैल को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था, जहां से आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था।