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प्रदेश का पहले एचआईवी मरीज ने दी कोरोना को मात, केजीएमयू के डॉक्टरों का दावा

Tue, 26 May 2020 11:28 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 26 May 2020 11:28 PM IST
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up first case of hiv aids patient coronavirus beats in kgmu lucknow
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती हुआ एचआईवी से ग्रसित कोरोना मरीज छह दिन में ही ठीक हो गया है। उसके इलाज में एचआईवी कहीं से बाधा नहीं बना। कैंसर के बाद अब एचआईवी संक्रमित के ठीक होकर घर जाने से केजीएमयू की टीम उत्साहित है। 
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इस मरीज को सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से भर्ती कराया गया था। जांच हुई तो कोरोना पॉजिटिव पाया गया। केजीएमयू प्रशासन का दावा है कि यह प्रदेश का पहला एचआईवी पीड़ित मरीज है, जिसमें कोरोना भी पाया गया है। 
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दिल्ली से 19 मई को गोंडा निवासी 34 वर्षीय युवक अपने गांव के लिए निकला था। यह एचआईवी पीड़ित था। रास्ते में सड़क हादसे में युवक घायल हो गया। उसके सिर में चोट लग गई। 
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केजीएमयू में भर्ती कराया गया। यहां मरीज की जांचें हुई। जांच में मरीज में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। ऐसे में इलाज की चुनौतियां बढ़ गईं। युवक को कोरोना आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया जहां इलाज के बाद अब वह ठीक हो गया है। 

चार विभागों की टीम ने किया इलाज  

केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने बताया कि सिर में चोट लगने से युवक मानसिक संतुलन खो बैठा था। मरीज बार-बार बेड से भाग रहा था। ऐसे में इलाज और कठिन हो गया था। 

मेडिसिन, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी और कोरोना वार्ड में लगे डॉक्टरों की टीम ने संयुक्त रूप से इलाज की रणनीति बनाई। पूरी टीम की सक्रियता का नतीजा यह रहा कि सर्जरी के बाद मरीज की न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की समस्या खत्म हो गई है। एक तरह से यह मरीज तीन बीमारी से ग्रसित हो गया था लेकिन छह दिन में ही उसकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई है।    

कम नहीं थीं चुनौतियां  
कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने बताया कि एचआईवी संक्रमित मरीज में रोगों से लड़ने की ताकत कम हो जाती है। मरीज में संक्रमण की गति अन्य मरीजों की अपेक्षा कई गुना अधिक होती है। युवक का मानसिक संतुलन भी ठीक नहीं था, ऐसे में वह यह भी ठीक से नहीं बता पा रहा था कि किस तरह की समस्या महसूस कर रहा है। 

ऐसे में उसकी बातों पर विश्वास करने के बजाय पूरी तरह से जांच रिपोर्टों के आधार पर इलाज चलाया गया। न्यूरो सर्जरी होने के बाद उसके मानसिक संतुलन में सुधार आया। कुलपति ने कहा, बहुत सौभाग्य की बात है कि मरीज छह दिन में ही ठीक हो गया। कोरोना के इलाज की दिशा में आशा की किरण लेकर आई है।  
 

14 दिन घर में रहना होगा क्वारंटीन

संक्रामक रोग यूनिट के प्रभारी डॉ. डी. हिमांशु ने बताया कि इलाज के दौरान उसे एचआईवी से संबंधित दवाएं ज्यों की त्यों रखी गईं। न्यूरो सर्जरी के बाद दी जाने वाली दवाएं भी दी गईं और कोरोना की दवाएं अलग से चलती रहीं। 

तीनों दवाओं का डोज कॉन्बिनेशन करके मरीज का इलाज किया गया। पिछले 24 घंटे में दो बार कोरोना की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ गई। इसके बाद मरीज की छुट्टी कर दी गई। 
आइसोलेशन वार्ड में तैनात डॉ. शिउली ने बताया कि मरीज को 14 दिन घर में एकांत में रहने की सलाह दी गई है। केजीएमयू के सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार ने बताया कि मरीज के परिवार वाले भी आए थे। उन्हें मरीज की पूरी स्थिति बता दी गई है। 14 दिन बाद मरीज की दोबारा कोरोना जांच होगी।
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