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यूपी के किसानों को चाहिए 8900 करोड़ रुपये

Tue, 28 Apr 2015 02:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 28 Apr 2015 02:18 AM IST
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UP Farmers need huge amount of money.

केंद्र सरकार के तय मानकों के आधार पर आपदा से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के लिए 89 अरब रुपये की जरूरत है।

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अगर केंद्र से मांगी गई पूरी रकम मिल जाती है तो सभी प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के लिए राज्य सरकार को अपने खजाने से भी 22.23 अरब रुपये देने होंगे। हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के मेमोरेंडम पर अपना कोई जवाब नहीं भेजा है।

केंद्र सरकार के मानकों के अनुसार, 33 फीसदी या उससे ज्यादा के फसल नुकसान होने पर मुआवजा दिया जाएगा। इस दायरे में सूबे का 54.358 लाख हेक्टेयर रकबा आ गया है।
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प्रभावित फसलों में मुख्य रूप से गेहूं, चना, सरसों, मटर, मसूर की फसलें शामिल हैं। सबसे ज्यादा गेहूं की फसल (41.37 लाख हेक्टेयर) प्रभावित हुई है।

केंद्र की मदद के बाद ही राज्य बढ़ाएगी हाथ

UP Farmers need huge amount of money.

राज्य सरकार ने सिंचित भूमि पर 18000 रुपये प्रति हेक्टेयर और वर्षा आधारित भूमि पर 9000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा देने की घोषणा की है। इसमें क्रमश: 13500 और 6750 रुपये प्रति हेक्टेयर का शेयर केंद्र सरकार का होगा।

राज्य सरकार ने प्लॉटवार सर्वे कराने के बाद नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र से 66.77 अरब रुपये मांगे हैं। कृषि विभाग की गणना के मुताबिक, अपनी घोषणा के अनुसार मुआवजा देने के लिए राज्य सरकार को 89 अरब रुपये की जरूरत होगी।

यानी केंद्र से मांगी गई पूरी रकम मिलने की स्थिति में राज्य सरकार को अपनी ओर से 22.23 अरब रुपये मिलाने होंगे।

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