यूपी: प्रदेश के पुराने राजा-महराजाओं के साथ मिलेंगे देश भर के प्रसिद्ध होटल मालिक, संवारे जाएंगे पुराने किले
Heritage Hotels of UP: प्रदेश में स्थित किले, पैलेस और कोठियों को उनके वास्तविक स्वरूप, वास्तुकला और जो उनकी अन्य विशेषताएं हैं, उन्हें बरकरार रखते हुए यहां हेरिटेज होटल बनाने पर काम चल रहा है।
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पर्यटन में सर्वाधिक विकास करने वाला राज्य बन उत्तर प्रदेश
योगी सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश हाल के वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से विकास करने वाला राज्य बनकर उभरा है। बीते वर्ष 2023 में यहां 48 करोड़ से अधिक पर्यटक आए थे। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज सहित अन्य तीर्थ स्थल सर्वाधिक पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उत्तर प्रदेश में हेरिटेज टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं। यहां बड़ी संख्या में किले, पैलेस और कोठिया हैं, जिन्हें उपयोगी बनाकर पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। विरासत पर्यटन में अग्रिम पंक्ति में खड़े राजस्थान, गुजरात आदि राज्यों की तर्ज पर पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश में भी तैयारी कर रहा है।
कॉन्क्लेव में होंगे कई एमओयू
प्रदेश में स्थित किले, पैलेस और कोठियों को उनके वास्तविक स्वरूप, वास्तुकला और जो उनकी अन्य विशेषताएं हैं, उन्हें बरकरार रखते हुए यहां हेरिटेज होटल, वेडिंग डेस्टिनेशन, वेलनेस सेंटर, रिजार्ट, कल्चरल सेंटर आदि बनाने की योजना है। इसके तहत पर्यटन विभाग अपनी छह प्रापर्टीज चुनार का किला मीरजापुर, बरुआसागर का किला झांसी, छतर मंजिल लखनऊ, बरसाना महल मथुरा, शुक्ल तालाब कानपुर देहात और रोशन-उद-दौला लखनऊ को हाल ही में पीपीपी पर दिया है। कॉन्क्लेव में इनका एमओयू भी होगा। विभाग की ऐसी अन्य प्रापर्टी को पीपीपी पर विकसित करने की तैयारी है।
250 से अधिक लोगों को किया गया आमंत्रित
पर्यटन मंत्री ने बताया कि राज्य में अनेक संपत्तियां जो राजा-महाराजा के पास है, इनका विकास कर उपयोगी बनाने की मंशा है। विभाग द्वारा आयोजित कॉन्क्लेव में 60 से अधिक राजा-महाराजा और देश भर से लगभग 250 प्रसिद्ध होटल मालिक, इन्वेस्टर्स, रियल एस्टेट व्यवसायी और कंसल्टेंट को आमंत्रित किया गया। इनके बीच सीधा संवाद होने से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
रोजगार के अवसर लेकर आएगा कॉन्क्लेव
पर्यटन मंत्री ने बताया कि हेरिटेज कॉन्क्लेव प्रदेश में हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। गंतव्य स्थलों पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में आगंतुक आएंगे। यह प्रयास स्थानीय लोगों के सामने रोजगार का बड़ा अवसर लेकर आएगा।