UP: ऊर्जा मंत्री का बड़ा फैसला- प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर व्यवस्था हुई खत्म, 3.5 करोड़ उपभोक्ताओं को राहत
Prepaid meter system in UP: प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने एक बड़ा फैसला लेते हुए बिजली के प्रीपेड मीटर की व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म कर दिया।
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प्रदेश में सोमवार को बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था पूरी तरह से खत्म कर दी गई। जिन उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगे हैं, वे भी पोस्टपेड की तरह ही काम करेंगे।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतें मिली रही थीं। विद्युत उपभोक्ताओं को स्मार्ट /प्रीपेड मीटर से आ रही तकनीकी दिक्कत के मद्देनजर फैसला लिया गया है कि सभी उपभोक्ताओं का स्मार्ट मीटर सामान्य पोस्ट-पेड मीटर की तरह ही कार्य करेगा।
जैसे ही उपभोक्ता पहले मासिक बिल भरते थे वैसे ही हर माह की एक से 30 तारीख तक का बिल अगले दस दिन में एसएमएस या ह्वाट्सऐप पर भेजा जाएगा। बिल मिलने के बाद दी गई समय सीमा में उपभोक्ता को बिल जमा करना होगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने फोन नंबर नहीं दर्ज कराया है वे तत्काल दर्ज करा लें और बिजली विभाग से आने वाले संदेश संदेश को ध्यान दें। ऊर्जा मंत्री ने कहा विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी दशआ में माह के अंदर बिजली नहीं काटें। जिन उपभओक्ताओं का पहले से बकाया है, वे 10 किस्तो में भुगतान कर सकेंगे। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने एक्स पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर का फैसला वापस लेने संबंधी जानकारी देते हुए देवो भवः की बात कही और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने जताई थी नाराजगी
प्रदेश में 3.5 करोड़ उपभोक्ता हैं। करीब 87 लाख के यहां स्मार्ट मीटर लगाए गए, जिसमें 75 लाख के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं। स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद प्रदेशभर के उपभोक्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उपभोक्ताओं का आरोप था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर तेज चल रहा है। अचानक बिजली कट जाती है। बिजली कटने पर उपभोक्ता रिचार्ज करते हैं और रिचार्ज करने के बाद भी तत्काल आपूर्ति शुरू नहीं होती है। इतना ही नहीं लोकसभा में केंद्रीय उर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्ट ने भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य नहीं होने की जानकारी दी थी। विद्युत नियामक प्राधिकरण ने भी संशोधित अधिसूचना जारी कर दी थी। इसके बाद भी प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे थे। पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में तकनीकी कमेटी बनाने और जांच कराने का निर्देश दिया था। चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई, लेकिन 10 दिन में कमेटी रिपोर्ट नहीं आ पाई।