यूपी चुनाव : कांग्रेस की ‘जमीनी’ कमान पेशेवरों के हाथ, बूथ से सीधे प्रियंका टीम को रिपोर्टिंग
प्रशिक्षित पेशेवरों की 500 से ज्यादा लोगों की यह टीम बूथ स्तर से लेकर हाईकमान के बीच सेतु का काम करती है। प्रियंका गांधी वाड्रा अपनी कोर टीम ने अपने वार रूम को दो स्थानों पर बांटा है। पहला प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय और दूसरा यूथ कांग्रेस की पुरानी बिल्डिंग में है।
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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने अपनी रणनीतिक कार्यशैली में बड़ा बदलाव किया है। उसकी असली कमान प्रशिक्षित पेशेवरों के हाथ में है। 500 से ज्यादा लोगों की यह भारी-भरकम टीम दिन-रात लगी हुई है। बूथ स्तर से लेकर हाईकमान के बीच सेतु का काम करती है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अपनी कोर टीम के माध्यम से इन पेशेवरों से सीधे जुड़ी हुई हैं। कांग्रेस ने अपने वार रूम को दो स्थानों पर बांटा है। पहला प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय और दूसरा यूथ कांग्रेस की पुरानी बिल्डिंग में है। इसके चलते यूथ कांग्रेस के कार्यालयों को पीसीसी मुख्यालय में ही स्थानांतरित कर दिया गया है। कांग्रेस मुख्यालय में करीब 300 सीटों का वार रूम है, जबकि यूथ कांग्रेस की पुरानी बिल्डिंग में 200-250 सीटों तक हैं।
प्रत्येक 10 विधानसभा सीटों पर एक ‘प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट (संपर्क अधिकारी)’ नियुक्त किया गया है। इनमें से प्रत्येक की देखरेख में 5-8 लोगों की पेशेवर टीम काम कर रही है। ये टीम न्याय व ग्राम पंचायत और बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं के संपर्क करती है। उन तक पार्टी का साहित्य और निर्देशों को पहुंचाती है। साथ ही नेताओं की सक्रियता और कार्यक्रमों के बारे में फीडबैक भी लेती है। दावेदारों के बारे में भी उनकी राय ले रही है। जिन नेताओं को चुनाव लड़ने की हरी झंडी दे दी गई है, उनकी क्षेत्र में सक्रियता की मॉनीटरिंग भी इनके माध्यम से कराई जा रही है।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि पहले जिन कामों पर स्थानीय कार्यकर्ताओं व नेताओं पर निर्भरता रहती थी, अब वे सभी कार्य इन पेशेवरों के माध्यम से कराए जा रहे हैं। जिला व शहर कमेटियां अपने नीचे जो कमेटियां बनाती हैं, उनके सदस्यों से बात करने की जिम्मेदारी भी इन्हीं पेशेवर टीमों को दी गई है। ताकि, पता चल सके कि सिर्फ औपचारिकता पूरी करने भर तक को तो यह काम नहीं किया गया है।
कार्यकर्ताओं के अलावा पार्टी के आम सदस्यों और विभिन्न सामाजिक व व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भी वार्ता करके यह टीम फीडबैक जुटाती है। किस विधानसभा क्षेत्र के किस इलाके में क्या कार्यक्रम है, इसकी पूरी जानकारी भी यह टीम रखती है। प्रियंका के वर्चुअल संवाद में भी यही टीम मुख्य भूमिका निभा रही है। पार्टी सूत्र बताते हैं कि वार रूम के कार्यकलापों को सार्वजनिक न करने की रणनीति भी बनाई गई है।