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यूपी चुनाव : अखिलेश बोले, अब दिल्ली वाले भी नहीं बचा पाएंगे, परिवर्तन तय है, उन्नाव से कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 14 Jan 2022 08:19 PM IST

सार

इस बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेस की उन्नाव प्रत्याशी के खिलाफ अपना उम्मीदवार न उतारने का एलान किया है। अखिलेष ने कांग्रेस प्रत्याशी आशा सिंह को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। आशा सिंह उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मां हैं। 
सपा में शामिल हुए नेता
सपा में शामिल हुए नेता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि दिल्ली वाले कितना भी जोर लगा लें, अब भाजपा का फेल होना तय है। विधानसभा चुनाव सेमी फाइनल नहीं बल्कि फाइनल है। परिवर्तन होना तय है। अखिलेश ने शुक्रवार को स्वामी प्रसाद मौर्य, डॉ. धर्म सिंह सैनी समेत आठ भाजपा विधायकों को सपा की सदस्यता दिलाने के बाद पार्टी कार्यालय में कहा कि भाजपा की गलत नीतियों का नतीजा है कि उसके साथ के तमाम नेता सपा के साथ आ गए हैं। भाजपा हमारे नेताओं की रणनीति ही नहीं समझ पाई। हमारे कार्यकर्ता वर्चुअली व फिजिकली दोनों तरह से तैयार हैं। आयोग के निर्देश का पालन करते हुए चुनाव लड़ेंगे और जीत कर सरकार बनाएंगे।
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उन्नाव से कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन
इस बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेस की उन्नाव प्रत्याशी के खिलाफ अपना उम्मीदवार न उतारने का एलान किया है। अखिलेष ने कांग्रेस प्रत्याशी आशा सिंह को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। आशा सिंह उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मां हैं। 


सीएम व डिप्टी सीएम पर कसा तंज
अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी पर तंज कसा कि उन्हें 10 मार्च को जाना था, लेकिन वे पहले ही लखनऊ छोड़ कर चले गए हैं। वे क्रिकेट खेलना नहीं जानते हैं। लगातार कैच छोड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले पहले एक नेता को स्टूल मिलता था, अब मिलेगा या नहीं यह तो वक्त बताएगा।

स्वामी प्रसाद, सैनी समेत आठ विधायक साइकिल पर सवार
मंत्री पद व भाजपा से इस्तीफा देने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य, डॉ. धर्म सिंह सैनी के साथ विधायक भगवती सागर, विनय शाक्य, रोशनलाल वर्मा, डॉ. मुकेश वर्मा, बृजेश प्रजापति और अपना दल छोड़ने वाले चौधरी अमर सिंह ने शुक्रवार को सपा की सदस्यता ग्रहण की।

नौकरियों में ठेका प्रथा लाने का प्रयास कर रही सरकार : अखिलेश

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में कहा कि भाजपा नौकरियां खत्म कर रही है। आउटसोर्सिंग के जरिए ठेका प्रथा लाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इसे होने नहीं दिया जाएगा। पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं का स्वागत करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को रटने के साथ अब गणित का भी अध्यापक लगाना होगा। सपा के साथ 80 प्रतिशत लोग पहले से खड़े थे। अब 20 फीसदी भी आ गए है। ऐसे में 400 सीट जीतना तय हो गया है। किसान को खाद नहीं मिल रहा है। डीजल पेट्रोल कंपनियां 600 फीसदी मुनाफा कमा रही है।

संविधान बचाने की लड़ रहे लड़ाई
भाजपा से इस्तीफा देने वाले धर्म सिंह सैनी ने कहा कि यूपी में समाजवाद कायम करने के लिए सपा में आए हैं। मकर संक्त्रसंति के दिन शपथ लेते हैं कि बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर के संविधान को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। उन्होंने कहा कि 2022 में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाएँगे और 2024 में प्रधानमंत्री बनाकर संविधान को पूरी तरह से सुरक्षित करेंगे।

समाजवाद और आंबेडकरवाद बचाना पहला कर्तव्य
भाजपा से इस्तीफा देकर सपा में आए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवाद और अंाबेडकरवाद को बचना पहला कर्तव्य है।  भाजपा को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है। पांच साल तक इस्तीफी नहीं देने पर सवाल पर कहा कि भाजपा ने गरीबों के आंखों में धूल झोंका। पहले केशव प्रसाद मौर्य और स्वामी प्रसाद मौर्य को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही गई, फिर किसी और का नाम चला, लेकिन मुख्यमंत्री बनाया गोरखपुर से लाकर। उन्होंने कहा कि हिस्सेदारी के सवाल पर अभी तक 80 फीसदी और 20 फीसदी का नारा दिया जाता था, लेकिन अब 85 हमारा है और 15 फीसदी में बंटवारा होगा। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हिंदुत्व की बात करते हैं, लेकिन अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़े वर्ग को हिदू ना मानकर शूद्र मानते हैं। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा विभाग में बिना विज्ञापन के और आरक्षण नियमों की अनदेखी कर की जा रही नियुक्त का उदाहरण दिया। कहा कि इसी तरह अन्य विभागों आरक्षण नियमों की अनदेखी कर नियुक्ति की गई। गोरखपुर के गगहा थाने में सात लोगों के शव मिलने के प्रकरण का जिक्र करते हुए कानून व्यवस्था पर सवार उठाया। सपा अध्यक्ष से हाथ मिलाने के सवाल पर कहा कि वह प्रगतिशील विचारधारा के हैं, इसलिए उनके साथ हैं। उनके साथ रहकर संविधान बचाया जा सकता है। बसपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस दिन मायावती ने कांसीराम के संकल्प को भूला दिया और थैली वालों के  साथ खड़ी हो गई, उसी दिन से बसपा का पतन शुरू हो गया। भाजपा ने सम्मान नहीं दिया तो अब उसे नेस्तनाबूत करेंगे।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कराया ताकत का अहसास
स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी ताकत का भी अहसास कराया। उन्होंने भरे मंच से कहा कि हमारी कोई पार्टी नहीं है, लेकिन पार्टी के  कम हैसियत भी नहीं है। जिसका साथ पकड़ता हूं उसे सत्ता मिलता है और जिसका साथ छोड़ता है वह मटियामेट हो जाता है। बसपा इसका उदाहरण है।

चलेंगे चरखा दांव
स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा कार्यालय में मुलायम सिंह यादव को याद किया। कहा कि उनके समय लोकदल में महामंत्री था। उनसे बहुत कुछ सीखा है। वह चरखा दांव चलते थे। अब वह वृद्ध हैं, उनका दांव यह सेना लगाएगी और भाजपा को चित करेगी।
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