गुलाम नबी का दावा, कांग्रेस की किस्मत बदल कर रख देगा यूपी चुनाव
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कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी गुलाम नवी आजाद ने कहा कि इस बार उत्तर प्रदेश से कांग्रेस का रिवाइवल होगा। यह बिल्कुल वैसा ही होगा जैसे 1977 में आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से हुआ था। उन्होंने पूरी संभावना जताई कि यूपी चुनाव से कांग्रेस की किस्मत बदल जाएगी।
भाजपा का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि इस समय एक पार्टी देश को फिरकापरस्ती की ओर ले जा रही है। कांग्रेस को जनाधार बढ़ाना है, शांति-सद्भाव-एकता बनाए रखना है।
यूपी का प्रभारी बनने के बाद बृहस्पतिवार को पहली बार लखनऊ पहुंचे आजाद पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते इलाहाबाद में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग में कैराना और बिसाहड़ा की घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर रखा गया।
उन्होंने कहा कि वे चौथी बार उत्तर प्रदेश के प्रभारी बने हैं। अब सूबे में नई चुनौतियां हैं। 1990 के दौर में जातिवाद बढ़ा। 2001 में जातिवाद चरम पर पहुंच गया। इस समय सूबे में धर्म के आधार पर राजनीति हो रही है।
सूबे में विकास का वातावरण बनाने के लिए हिंदू-मुस्लिम एकता जरूरी है। हमें यहां सेकुलर सोच के लोगों की संख्या बढ़ानी है। सभी को एकजुट करके प्रदेश व देश का विकास करना है।
भाजपा की सोची-समझी रणनीति
आजाद ने कहा कि हर 5-6 महीने में सांप्रदायिकता पर चर्चा होने लगती है। इससे लगता है कि सांप्रदायिकता बढ़ी है। इसमें भाजपा के मंत्री से लेकर सांसद तक शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कभी किसी को नहीं रोका। इससे साफ है कि यह भाजपा की सोची-समझी रणनीति है।
देश व प्रदेश को नहीं बंटने देंगे
आजाद ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता देश और प्रदेश को बंटने से बचाना है। दूसरी प्राथमिकता विधानसभा में संख्या बढ़ाना है। केंद्र सरकार धर्म के नाम पर देश को कमजोर कर रही है। कांग्रेस अपने जीवन का बलिदान देगी, लेकिन ऐसा नहीं होने देगी।
आज किसान व मजदूर परेशान हैं। मनरेगा के मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। नौजवानों को नौकरी नहीं मिल रही।
स्टील और सीमेंट की फैक्ट्रियां बैठ गई हैं, लेकिन इनकी बात नहीं हो रही। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो रहे हैं, लेकिन हिंदुस्तान में बढ़ रहे हैं।
समय आने पर लाएंगे मुख्यमंत्री का चेहरा
मुख्यमंत्री का चेहरा सामने लाकर चुनाव लड़ने के प्रश्न पर आजाद ने कहा कि पिछले 2-3 दिन से वे भी कई लोगों के नाम सुन रहे हैं, लेकिन अभी किसी का नाम नहीं तय है।
हालांकि इस बार पार्टी मुख्यमंत्री का चेहरा सामने रखकर चुनाव लड़ेगी। समय आने पर इसका एलान किया जाएगा।
इस बार अमेठी व रायबरेली से बाहर निकलेंगी प्रियंका
प्रियंका गांधी को यूपी में जिम्मेदारी के सवाल पर आजाद ने कहा, मुझे आशा है कि प्रियंका अमेठी व रायबरेली से बाहर निकलकर कुछ समय यूपी के दूसरे हिस्सों में भी चुनाव प्रचार के लिए देंगी।
संगठन व पीके का अलग-अलग रोल
यूपी प्रभारी ने कहा कि प्रशांत किशोर (पीके) रणनीति बनाने वाले हैं। उनके आने से संगठन का रोल कहीं कम नहीं होने जा रहा है। दोनों का अलग-अलग रोल है। आजाद ने कहा कि उन्हें संगठन का काफी अनुभव है और वे यूपी में कांग्रेस की स्थिति बदलने में सक्षम हैं।
सेकुलरिज्म में जिनका भरोसा नहीं, वे कांग्रेसी नहीं
आजाद ने प्रदेश कार्यकारिणी के नेताओं के साथ बैठक की। इसमें सभी फ्रंटल संगठनों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में उन्होंने कहा कि जिनका सेकुलरिज्म में विश्वास नहीं है, वे कांग्रेसी नहीं हो सकते हैं।
उन्होंने सूबे के नेताओं को चेताते हुए कहा कि उन्हें परिक्रमा करने वाले पसंद नहीं हैं। विधानसभा चुनाव में सिर्फ छह महीने बचे हैं। इसलिए सभी को जुट जाना चाहिए। वे खुद भी हर जिले में जाकर पार्टी को मजबूत करेंगे।