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UP Election 2022 : पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार वोटिंग प्रतिशत में मामूली कमी, पुरुषों का मतदान प्रतिशत बढ़ा, महिलाओं में दिलचस्पी हुई कम
Wed, 09 Mar 2022 10:47 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 09 Mar 2022 10:47 PM IST
सार
2017 के चुनाव में होली से ठीक पहले हुए चुनाव में बड़ी संख्या में मजदूर मतदान के लिए आ गए थे। माना जा रहा है कि इस बार कोविड की वजह से मजदूर मतदान के लिए नहीं लौटे।
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वाराणसी में मतदान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश की 17वीं विधानसभा केमुकाबले इस बार .31 प्रतिशत मतदाताओं ने कम मतदान किया। हालांकि 2017 के मुकाबले लगभग 48 लाख मतदाताओं ने अधिक मतदान किया। 2017 में कुल मतदाताओं की संख्या 14.16 करोड़ थी। 8.65 करोड़ ने मतदान किया था। इस बार मतदाताओं की संख्या 15.02 करोड़ थी और 9.13 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
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चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक इस बार 60.80 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। पिछले विधानसभा चुनाव में 61.11 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया था। इस विधानसभा चुनाव में भी पिछले चुनाव के मुकाबले पुरुषों ने कम और महिलाओं ने अधिक मतदान किया। हालांकि 2017 के मुकाबले महिलाओं का प्रतिशत कम रहा। 2017 में 63.38 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया था और इस बार यह संख्या 1.14 प्रतिशत कम होकर 62.24 प्रतिशत रह गई। वहीं पुरुषों ने .35 प्रतिशत अधिक मतदान किया। पुरुषों ने 2017 में 59.21 प्रतिशत और 2022 में 59.56 प्रतिशत मताधिकार का प्रयोग किया।
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आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक इस बार दो सीटें ऐसी रहीं जहां 75 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। यह दोनों ही सीटें सहारनपुर की बेहट और नकुड़ थीं। पिछले चुनाव में भी इन दोनों ही सीटों पर 75 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था। सबसे कम मतदान की बात करें तो प्रयागराज की उत्तरी सीट पर केवल 39.34 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया। आगरा की दो सीटें आगरा कैंट और आगरा साउथ ऐसी थीं जहां साढ़े पांच प्रतिशत तक की गिरावट आई। वहीं मैनपुरी की करहल ऐसी सीट थी जहां पिछले बार के मुकाबले 6.68 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। यहां पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चुनाव मैदान में थे। वहीं कौशांबी की सिराथू सीट जहां से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य चुनाव लड़ रहे हैं वहंा भी 3.92 प्रतिशत अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीट गोरखुर शहर में भी 2.29 प्रतिशत अधिक मतदाता बूथों तक मतदान के लिए पहुंचे।
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जिलों की बात करें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अमरोहा सीट पर 72.27 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया। 2017 में इस सीट पर 70.34 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले थे। वहीं सबसे कम मतदान सिद्घार्थनगर में हुआ। यहां 51.56 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यहां पिछले 2017 के चुनाव के मुकाबले .69 प्रतिशत कम मतदान हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो इस बार लखनऊ में इस बार 1.64 प्रतिशत अधिक लोगों ने मतदान किया। मेरठ में 1.99 प्रतिशत कम लोग पोलिंग बूथ तक पहुंच सके।
इस बार वोट देने नहीं लौटे मजदूर
इस बार मतदान के प्रतिशत में कमी की सबसे बड़ी वजह दूसरे राज्यों से मजदूरों का न लौटना भी माना जा रहा है। 2017 के चुनाव में होली से ठीक पहले हुए चुनाव में बड़ी संख्या में मजदूर मतदान के लिए आ गए थे। माना जा रहा है कि इस बार कोविड की वजह से मजदूर मतदान के लिए नहीं लौटे।