यूपी: सीटें कम रहने के बावजूद वोट पाने के मामले में भाजपा पर भारी पड़ी सपा, इस प्रत्याशी की जीत सबसे बड़ी
UP Legislative Council elections: यूपी विधान परिषद की 11 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा छह तो सपा पांच सीटों पर चुनाव जीतने में सफल रही। लेकिन मत प्राप्त संख्या के मामले में सपा आगे रही।
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विधान परिषद चुनाव में सीट संख्या के लिहाज से जहां भाजपा आगे रही, वहीं कुल मतों में सपा ने बाजी मारी। इन 11 शिक्षक व स्नातक सीटों पर सपा को भाजपा से ज्यादा वोट मिले। सबसे ज्यादा मतों के अंतर से भी इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से सपा के डॉ. मान सिंह यादव जीते।
10 सीटों पर तो मुकाबला पूरी तरह से भाजपा और सपा के बीच ही केंद्रित रहा। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र इसका एकमात्र अपवाद रहा, जहां मुख्य लड़ाई भाजपा और सपा के बीच न होकर भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव के बीच था। इस सीट पर राजीव यादव (14,580 मत) ने दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि सपा के प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी 9503 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे। भाजपा ने 6 सीटें जीतीं और सपा के खाते में 5 सीटें आईं।
चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि 5 स्नातक सीटों (212116 वोट) और 6 शिक्षक सीटों पर सपा उम्मीदवारों को मिलाकर कुल 264502 वोट प्राप्त हुए, जबकि भाजपा के सभी उम्मीदवारों को कुल मिलाकर 261379 वोट मिले। इस तरह कुल मतों के आंकड़ों में सपा ने भाजपा से 3123 वोट अधिक हासिल किए। समाजवादी खेमा इसे वर्ष 2024 के बाद अपनी बड़ी सफलता मान रहा है।
मान सिंह ने दर्ज की बड़ी जीत
परिषद चुनाव में जीत और हार के अंतर के लिहाज से देखें तो इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने प्रदेश में सबसे बड़ी जीत दर्ज की। इस सीट पर भाजपा के अशोक कुमार राठौर को 27663 मतों के भारी अंतर से शिकस्त देते हुए कुल 60358 वोट हासिल किए। इसके विपरीत, सबसे रोमांचक और कांटे का मुकाबला गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक क्षेत्र में देखने को मिला, जहां भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव को मात्र 2210 मतों के बेहद मामूली अंतर से हराया।