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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP Deputy CM Dr Dinesh Sharma interview by Sachin Mudgal.

सवाल जवाब: उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का आरोप, ओवैसी से बहुसंख्यक समाज के खिलाफ जहर उगलवा रही है सपा

Sat, 08 Jan 2022 11:25 AM IST
ishwar ashish सचिन मुद्गल, अमर उजाला, लखनऊ
सचिन मुद्गल, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 08 Jan 2022 11:25 AM IST
सार

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, सपा के पास तो 403 सीटों पर लड़ाने के लिए प्रत्याशी भी नहीं हैं। ब्राह्मण समाज भाजपा से नाराज नहीं है। समाज को भाजपा ने ही सर्वोच्च स्थान दिया।

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UP Deputy CM Dr Dinesh Sharma interview by Sachin Mudgal.
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा - फोटो : amar ujala

विस्तार

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का कहना है कि विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम को अपनी ‘बी’ पार्टी बनाया है। वे कहते हैं, अब तक बहुसंख्यक समाज के खिलाफ उन्माद का काम स्वयं सपा करती थी, लेकिन इस चुनाव में वह बहुसंख्यक समाज के खिलाफ जहर उगलने का काम एआईएमआईएम से करा रही है। उप मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सपा चाहे कितना भी प्रयास कर ले, ब्राह्मण समाज भाजपा के साथ ही रहेगा। विधानसभा चुनाव में अब तक 48 जिलों का दौरा कर चुके उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से सचिन मुद्गल ने बातचीत की। पेश हैं प्रमुख अंश...

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सवाल: प्रदेश में भाजपा की सरकार दोबारा बनने की आपको कितनी संभावना नजर आ रही है?
जवाब:
मुझे दो महीने में पार्टी के कार्यक्रमों के लिए 48 जिलों में जाने का मौका मिला है। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार कार्यकर्ता और जनता का उत्साह ज्यादा है। जो वर्ग भाजपा का वोट बैंक नहीं था, लेकिन मोदी-योगी सरकार की योजना से लाभान्वित होने के कारण वह भी उत्साह के साथ भाजपा से जुड़ा है। विपक्ष नाम की चीज हमें कहीं दिखी ही नहीं।
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सवाल: सपा ने छोटे दलों के साथ गठबंधन किया है, इसका भाजपा पर कितना असर होगा?
जवाब: उनके पास तो चुनाव लड़ाने के लिए भी प्रत्याशी नहीं हैं। इसलिए वे छोटे-छोटे दलों के पास जा रहे हैं। राष्ट्रीय और प्रादेशिक दलों के पास प्रत्याशी नहीं होने के कारण चुनाव एकतरफा भाजपा के पक्ष में हो गया है। सवाल यह नहीं है कि सपा, बसपा, कांग्रेस और एआईएमआईएम में से कौन आगे जाएगा, भाजपा के मुकाबले में कोई विपक्षी दल नहीं है। 2022 में भाजपा की जीत का अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनेगा।
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सवाल: रालोद व सुभासपा के सपा को समर्थन देने से भाजपा को क्या नुकसान नहीं होगा?
जवाब: 2017 में पहले दो लड़के गठबंधन में आए थे। वे चुनाव हार गए। 2019 में सपा-बसपा का गठबंधन भी भाजपा के सामने टिक नहीं सका। भाजपा अपने काम, नेताओं के नाम और कार्यकर्ताओं की शक्ति के साथ चुनाव लड़ेगी।

सवाल: भाजपा का मुकाबला किससे है?
जवाब: हमारा कहीं मुकाबला बसपा से है तो कहीं एआईएमआईएम से है। कहीं सपा से भी मुकाबला है। जहां हमारा मुकाबला एआईएमआईएम से है, वहां सपा पूरी तरह से साफ है। इस चुनाव में सपा ने एआईएमआईएम को अपनी ‘बी’ टीम बनाया है। सपा इस बार बहुसंख्यकों के खिलाफ उन्माद और जहर उगलने का काम खुद न करके एआईएमआईएम से करा रही है।

सवाल: ब्राह्मण समाज भाजपा से नाराज नजर आ रहा है, आप समाज को किस तरह संतुष्ट कर रहे हैं?
जवाब: ब्राह्मण एक जाति नहीं, बल्कि जीवन जीने की पद्धति है। ब्राह्मण भारतीय संस्कृति, देवी देवताओं और स्वयं का सम्मान चाहता है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, प्रयागराज में कुंभ, विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण, बरसाने की होली जैसे आयोजन ब्राह्मण समाज से जुड़े हैं। ब्राह्मण समाज को भी आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग में आरक्षण भाजपा ने दिया है।

सवाल:...तो फिर ब्राह्मण नेता सपा के साथ क्यों जुड़ रहे हैं?
जवाब: जो लोग सबसे ज्यादा ब्राह्मण विरोधी थे, वह अब चुनाव आते ही मौसमी परशुराम बन रहे हैं। भगवान परशुराम चुनाव का मुद्दा नहीं, बल्कि आस्था का मुद्दा हैं। भाजपा हर समाज और धर्म के साथ बैठकर चिंतन करती है। भाजपा में लोकतंत्र है। समाज की बातों को न केवल सुन रहे हैं, बल्कि उनके सुझावों को लागू भी कर रहे हैं।

सवाल: क्या आप विधानसभा चुनाव लड़ेंगे?
जवाब: मैं वार्ड कार्यकर्ता से लेकर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तक रहा हूं। मैं 2027 तक विधान परिषद सदस्य हूं। पार्टी हमारे बारे में निर्णय करती है। शीर्ष नेतृत्व जो दिशा-निर्देश देगा, उसका पालन करेंगे। फिलहाल मेरे पास सूचना नहीं है कि मुझे चुनाव लड़ाया जा रहा है।

...पहले से तय है मुख्यमंत्री कौन बनेगा

सवाल: क्या आप भी मुख्यमंत्री की दौड़ में हैं?
जवाब:
मेरा शुरू से प्रयास रहा है कि जहां पर काम, वहां पर हम...। हमारी पार्टी में पहले से तय है मुख्यमंत्री कौन बनेगा। इसका कोई विवाद नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हम चुनाव लड़ रहे हैं।

सवाल: युवा वर्ग आज भी रोजगार को लेकर आंदोलन कर रहा है, चुनाव से पहले उनकी नाराजगी बढ़ती जा रही है?
जवाब: हमारी सरकार ने दो करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार दिया है। साढ़े तीन लाख युवाओं को संविदा पर नौकरी दी है। पौने पांच लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। आजादी के बाद से आज तक किसी दूसरे दल ने इतना रोजगार नहीं दिया है।

सवाल: आप अपने विभाग में महत्वपूर्ण घोषणाओं को लागू नहीं कर पाए?
जवाब: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा आयोग का विचार चला था, वह क्रियाशील है। शिक्षा सेवा अधिकरण का गठन प्रयागराज और लखनऊ के वकीलों की सहमति के आधार पर लागू करेंगे। दोनों जिलों के वकीलों की सहमति के बाद घोषणा करेंगे।

सवाल: भाजपा विकास को छोड़कर हिंदुत्व पर चुनाव क्यों लड़ रही है?
जवाब: हम तो विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रतीकों से देश की आस्था जुड़ी हुई है। बाबा विश्वनाथ के कॉरिडोर के निर्माण से प्रसन्न होकर सपा के बड़े नेता शतरुद्र प्रकाश भी भाजपा में शामिल हो गए हैं।

सवाल: कोरोना संक्रमण के बाद भी रैलियां और सभाएं हो रही हैं, क्या आप इसे उचित मानते हैं?
जवाब: कोरोना संक्रमण की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। सरकार ने चिकित्सा सुविधाएं बढ़ा दी हैं। चुनाव कराना आयोग का काम है। जैसा आयोग दिशा-निर्देश देगा, उसका पालन करेंगे। हमने 9 तारीख को लखनऊ में होने वाली पीएम की रैली को रद्द किया है। क्योंकि रैली में बहुत ज्यादा भीड़ आने वाली थी।

सवाल: क्या 2022 में विधान परिषद में भाजपा को बहुमत मिल पाएगा?
जवाब: हां, इस वर्ष विधान परिषद में भी भाजपा का स्पष्ट बहुमत होगा। वैसे हमने परिषद में अल्प संख्या में होने के बाद भी प्रभावी काम किया है। विपक्ष एक भी बिल को नहीं रोक सका।
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