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यूपी : थम गई कोरोना की रफ्तार, अब सिर्फ 3423 एक्टिव मरीज, 226 नए मामले

Sat, 26 Jun 2021 12:27 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sat, 26 Jun 2021 12:27 AM IST
सार

वर्तमान में 3500 से कम कोरोना मरीज उपचाराधीन हैं। 20 जिलों में शून्य केस मिले हैं, जबकि पूरे प्रदेश में सिर्फ 226 नए मामले सामने आए हैं। 50 जिलों में सिंगल डिजिट में केस हैं, जबकि पांच जिलों में 50 से कम केस मिले हैं।

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UP: Corona's pace has stopped, case zero in 20 districts, 226 new cases
कोरोना वासरस: टेस्ट सैंपल लेता कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में शुक्रवार को कोरोना के 226 नए मरीज मिले हैं। जबकि 320 लोगों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया है। इस तरह प्रदेश में अब सिर्फ 3423 एक्टिव मरीज बचे हैं। कोरोना संक्रमण की दर 0.1 प्रतिशत से नीचे आ चुकी है। वहीं, रिकवरी रेट 98.5 प्रतिशत पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 17 मरीजों की मौत हो गई। 

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अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य के अनुसार प्रदेश में अब तक 17.05 लाख कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें से 16.79 लाख से अधिक संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। जबकि 22,381 संक्रमितों की मौत हो गई। हालांकि प्रदेश में अब संक्रमण की स्थिति में सुधार हुआ है। शुक्रवार को वाराणसी में 28, रायबरेली में 18, लखनऊ में 13 और आगरा व कानपुर नगर में 10-10 मरीज मिले हैं। अन्य 70 जिलों में मरीजों की संख्या इकाई में हैं। वहीं 50 जिले ऐसे हैं, जहां 50 से कम एक्टिव मरीज बचे हैं। कानपुर देहात में 09, बदायूं व हाथरस में 08-08, श्रावस्ती में 07, चित्रकूट, हमीरपुर, कौशांबी में 04-04 और कासगंज में 02 मरीज मिले हैं। महोबा जिले में एक भी एक्टिव मरीज नहीं है। पिछले 24 घंटों में 2.69 लाख कोविड टेस्ट किए गए। 
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दूसरे सीरो सर्वे में बड़ी संख्या में लोगों में एंटीबॉडी की हुई पुष्टि
प्रदेश में दूसरे सीरो सर्वे के शुरुआती नतीजे सकारात्मक मिले हैं। बड़ी संख्या में लोगों में एंटीबॉडी बनने की पुष्टि हुई है। सर्वे चार जून से सभी जिलों में शुरू हुआ था। इसके जरिए किस जिले के किस क्षेत्र में आबादी का कितना हिस्सा संक्रमित हुआ की पड़ताल की गई है। इस सर्वे का अंतिम परिणाम जल्द जारी किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश में पहला सीरो सर्वे कोरोना की पहली लहर के दौरान किया गया था। इसमें सितंबर 2020 में 11 जिलों में सीरो सर्वे कराया गया था। इसमें लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, प्रयागराज, गाजियाबाद, मेरठ, कौशांबी, बागपत व मुरादाबाद को शामिल किया गया था। सर्वे में 22 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली थी। 

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कोविड-19 प्रबंधन के लिए गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार को दिए ये निर्देश...

● देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट 'डेल्टा+' से संक्रमित मरीज पाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। विशेषज्ञों के अनुसार इस बार का वैरिएंट पहले की अपेक्षा कहीं अधिक खतरनाक है। राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्श समिति ने इससे बचाव के लिए विस्तृत अनुशंसा रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार, अपेक्षाकृत अन्य आयु के लोगों के, बच्चों पर कहीं अधिक दुष्प्रभाव डालने वाला हो सकता है। विशेषज्ञों के परामर्श के अनुरूप बिना देर किए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। लोगों को सही जानकारी प्राप्त हो इसके लिए राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्श समिति के सदस्यों व अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों के माध्यम से जनजागरूकता के प्रयास किए जाएं। मीडिया जगत से भी सहयोग लिया जाना चाहिए। 

● कोविड के डेल्टा+ वैरिएंट की गहन पड़ताल के लिए अधिकाधिक सैम्पल की जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जाए। रेलवे, बस , वायु मार्ग से प्रदेश में आ रहे लोगों के सैम्पल लेकर सिक्वेंसिंग कराई जानी चाहिए। जिलों से भी सैम्पल लिए जाएं। रिजल्ट के अनुसार डेल्टा+ प्रभावी क्षेत्रों की मैपिंग कराई जाए। इससे बचाव के प्रयासों में सुविधा होगी। प्रदेश में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा के लिए केजीएमयू और बीएचयू में आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं। 

● विगत दिनों कराये गए सीरो सर्वे के प्रारंभिक परिणाम अच्छे संकेत देने वाले हैं। शुरुआती नतीजों के मुताबिक सर्वेक्षण में लोगों में हाई लेवल एंटीबॉडी की पुष्टि हुई है। हमें यह समझना होगा कि वायरस से इस लड़ाई में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है। डबल मास्क, सैनिटाइजेशन, दो गज की दूरी जैसे कोविड बचाव संबंधी व्यवहार को हमें अपनी जीवनशैली में शामिल करना ही होगा। भीड़भाड़ से बचें। थोड़ी सी भी लापरवाही, बहुत भारी पड़ सकती है। 

● कोरोना से बचाव के लिए टीका-कवर उपयोगी है। जून माह में हमने एक करोड़ प्रदेशवासियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा था, 24 जून को 06 दिन शेष रहते ही, इस लक्ष्य को पूर्ण कर लिया गया। उत्तर प्रदेश में अब तक 02 करोड़ 90 लाख से अधिक वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं। करीब 42 लाख लोगों ने टीके के दोनों डोज प्राप्त कर लिए हैं। 

● आगामी 01 जुलाई से हर दिन न्यूनतम 10 लाख लोगों को टीका-कवर देने के लक्ष्य के साथ काम किया जाए। विकास खंडों को क्लस्टर में बांटकर वैक्सीनेशन की हमारी नीति के अच्छे परिणाम मिले हैं। अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह एक तिहाई विकास खंडों में लागू है, 01 जुलाई से इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाए।

● कोरोना महामारी के दृष्टिगत प्रदेश की स्थिति हर दिन के साथ बेहतर होती जा रही है। संक्रमण दर 0.1% से भी कम स्तर पर आ चुका है, जबकि रिकवरी दर 98.5% है। ज्यादातर जिलों में संक्रमण के नए केस इकाई अंकों में आ रहे हैं, तो 50-52 से अधिक जिलों में 50 से कम एक्टिव केस ही हैं। वर्तमान में कुल एक्टिव केस घटकर 3,423 रह गए हैं। 2,078 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं। अब तक कुल 16 लाख 79 हजार 416 प्रदेशवासी कोरोना से लड़ाई जीत कर स्वस्थ हो चुके हैं।

● बीते 24 घंटे में एक ओर जहां 02 लाख 69 हजार 272 सैम्पल टेस्ट हुए, वहीं मात्र 226 नए पॉजिटिव केस आये और 320 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए। उत्तर प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 65 लाख 40 हज़ार 503 कोविड टेस्ट हो चुके हैं।

● विशेष पदों को छोड़कर, अस्पताल प्रशासन/प्रबंधन में चिकित्सकों की तैनाती अपरिहार्य स्थिति में की जानी चाहिए। चिकित्सक का प्रथम और प्रमुख कार्य मरीज का उपचार करना है, उन्होंने इसी सेवा के लिए अध्ययन और प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अन्य कार्यों में उनकी तैनाती, चिकित्सकों को उनके मूल कर्तव्य से विमुख करती है। अस्पताल प्रशासन/प्रबंधन के कार्यों के लिए मास्टर इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन अथवा हॉस्पिटल मैनेजमेंट में एमबीए उपाधिधारक युवाओं को अवसर दिया जाना चाहिए। इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। 

● उत्तर प्रदेश ऑक्सीजन जेनेरेशन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहा है। कल 05 और प्लांट की स्वीकृति दी गई है। लगातार प्रयासों से अब 114 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो चुके हैं। भारत सरकार के सहयोग से पीएम केयर्स के माध्यम से निर्माणाधीन ऑक्सीजन प्लांट्स को 15 अगस्त तक क्रियाशील कर लिया जाए। मॉनीटरिंग के लिए नोडल अधिकारी तैनात किया जाए। प्लांट स्थापना से जुड़े कार्यों की सतत समीक्षा की जाए।
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