फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Constable who accused police line officers of corruption dismissed, action taken for misuse of social medi

यूपी: पुलिस लाइन के अफसरों को भ्रष्ट कहने वाला वाला सिपाही बर्खास्त, सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर हुई कार्रवाई

Sun, 28 Jun 2026 09:05 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 28 Jun 2026 09:05 PM IST
सार

Constable Sunil Shukla: लखनऊ पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सात मई 2026 को सुनील की ओर से वीडियो जारी किया गया। इसके बाद मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई थी। 

विज्ञापन
UP: Constable who accused police line officers of corruption dismissed, action taken for misuse of social medi
आरोपी सिपाही सुनील शुक्ला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 पुलिस लाइन के अफसरों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को बर्खास्त कर दिया गया है। सुनील ने पुलिस लाइन के गणना प्रभारी, आरआई और अन्य अफसरों पर वसूली के आरोप लगाए थे। विभागीय जांच में सुनील को सोशल मीडिया का दुरुपयोग, विभागीय अनुशासनहीनता और नियमों के लगातार उल्लंघन का दोषी पाया गया। लखनऊ पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सात मई 2026 को सुनील की ओर से वीडियो जारी किया गया। इसके बाद मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई थी।

विज्ञापन


समिति ने निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए। आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला सहित सभी संबंधित व्यक्तियों को अपना पक्ष व साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया। इस दौरान सुनील आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच समिति के अधिकारी एडीसीपी पश्चिम धनंजय सिंह कुशवाहा व अन्य की जांच में पाया गया कि सुनील ने वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध निराधार रूप से आरोप लगाकर सार्वजनिक रूप से प्रसारित किया।
विज्ञापन


यही नहीं, विभाग की छवि को बिना साक्ष्य के धूमिल करने का प्रयास किया। आरोप है कि सुनील ने पुलिस बल में अनुशासनहीनता को बढ़ावा दिया। अधिकारियों के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। इसके अलावा बिना अनुमति सोशल मीडिया का उपयोग कर उत्तर प्रदेश सोशल मीडिया नीति-2023, उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के नियम 3, 6, 7 एवं 27 व उत्तर प्रदेश वर्दी विनियम का उल्लंघन किया गया। इन सभी साक्ष्यों के आधार पर सुनील के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


ड्यूटी के नाम पर वसूली का लगाया था आरोप
सुनील ने अवकाश लेने के बाद वीडियो जारी कर पुलिस लाइन के गणना प्रभारी और आरआई पर ड्यूटी के नाम पर प्रति जवान दो हजार रुपये वसूलने का आरोप लगाया था। सुनील की ओर से लगातार कई वीडियो बनाए गए। यह मामला प्रकाश में आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया था। सुनील मूलरूप से अमेठी के गौरीगंज के रहने वाले हैं। सुनील की पत्नी भी सिपाही हैं और रायबरेली में तैनात हैं। सुनील के वीडियो जारी करने के बाद से यह कहा जा रहा था कि उन्हें पुलिस विभाग से बर्खास्त कर दिया जाएगा।


अधिकारियों से शिकवा गिला नहीं
बर्खास्तगी के बाद सुनील ने एक और वीडियो जारी किया। कहा कि उन्हें पुलिस विभाग के अफसरों से शिकवा गिला नहीं है। मैंने पहले ही कहा था कि मेरा निलंबन होगा, बर्खास्तगी होगी। आने वाले समय में मुझ पर एफआईआर भी दर्ज होगी। मैं बताना चाहता हूं कि मैं ऐसा कोई कृत्य नहीं करूंगा, जिससे समाज के लोगों को दुखी होना पड़े। सुनील ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed