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UP News: सीएम ने ऑनलाइन स्वरोजगार संगम कार्यक्रम में बांटे 4313.58 करोड़ के ऋण, बोले- नौकरी एक को मिलती है, स्वावलंबी होता है पूरा परिवार
Thu, 06 Jan 2022 09:57 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 06 Jan 2022 09:57 PM IST
सार
कार्यक्रम में सीएम योगी ने 5,06,995 युवाओं को 4313.58 करोड़ रुपये का ऋण मुहैया कराया। विश्वकर्मा श्रम सम्मान के तहत 75 हजार परंपरागत कारीगरों और ओडीओपी के तहत 10 हजार हस्तशिल्पियों को टूलकिट दिया गया।
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सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब एक व्यक्ति को नौकरी मिलती है तो पूरा परिवार स्वावलंबी होता है। एक परिवार को स्वावलंबी होता देख पूरा गांव प्रेरित होता है। वे बृहस्पतिवार को ‘ऑनलाइन स्वरोजगार संगम’ कार्यक्रम में बोल रहे थे। सीएम आवास पर हुए वर्चुअल कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेश की पारंपरिक शिल्पकला और शिल्पकारों की तारीफ की। कहा, ओडीओपी, मुद्रा व विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजनाओं से व्यवसाय के लिए सरलता से उपलब्ध हो रहे वित्तीय संसाधनों से युवाओं की तरक्की हो रही है।
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प्रदेश में 75 हजार महिलाओं को निशुल्क प्रशिक्षण व ऋण मुहैया कराके इन्हें स्वावलंबी बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में उन्होंने एक साथ 5,06,995 युवाओं को 4313.58 करोड़ रुपये का ऋण मुहैया कराया। इनमें प्रवीण सिंह, राधे रमण शर्मा, विकास अग्रवाल, अपर्णा सुहैल खान, तरन्नुम, योगेश गुप्ता, नेहा अवस्थी, मुकेश सिंह तथा रितु कुमारी को सीएम ने स्वयं ऋण राशि के चेक सौंपे। विश्वकर्मा श्रम सम्मान के तहत 75 हजार परंपरागत कारीगरों और ओडीओपी के तहत 10 हजार हस्तशिल्पियों को टूलकिट दिया गया। सीएम, मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने एमएसएमई इकाइयों में रोजगार सृजन पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया।
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जिलों को मिली पहचान
सीएम ने कहा कि ओडीओपी के तहत प्रदेश के जिलों को पहचान मिली है। वर्ष 2017 में जब भाजपा सरकार बनी तो वाराणसी की साड़ी, भदोही की कालीन जैसी पहचान रखने वाले जिलों को ओडीओपी के तहत अलग पहचान दिलाई गई। सभी 75 जिलों को ब्रांड बनाने के लिए वहां के उत्पादों को योजना से जोड़ा गया है।
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27 लाख लोगों को मिला रोजगार : सहगल
अपर मुख्य सचिव एमएसएमई, डॉ. नवनीत सहगल ने बताया कि 11 लाख एमएसएमई इकाइयों के सर्वे में पता चला कि इनमें 27 लाख लोगों को रोजगार मिला है। बीते पौने पांच वर्षों मे 95.49 लाख इकाइयों को ऋण उपलब्ध कराकर स्वावलंबी बनाया गया। इनमें 3 करोड़ से अधिक युवा प्रत्यक्ष रूप से सेवायोजित हुए हैं।
लाभार्थियों से किया संवाद
सीएम ने विभिन्न जिलों के लाभार्थियों से संवाद कर उनके व्यवसाय व परिवार आदि की जानकारी ली। इनमें सिद्धार्थनगर में सर्जिकल बैंड बनाने वाली शीला, मुरादाबाद में सजावटी सामान बनाने वाली अनीशा बंसल, वाराणसी में मेटल शीट कटिंग करने वाले स्पर्श अग्रहरि, कानपुर देहात में हलवाई का काम करने वाले दिनेश अवस्थी, गोरखपुर के टेराकोटा शिल्पकार अखिलेश चंद्र, सहारनपुर में फर्नीचर बनाने वाले इस्तखार व मथुरा में ठाकुर जी की पोशाक तैयार करने वाली कंचन से बातचीत की।