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कमीशन का खेल: यूपी सिडको को केवी संगठन से मिला 275 करोड़ का काम रद्द

Wed, 08 Jul 2020 01:45 AM IST
अवधेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: अवधेश कुमार Updated Wed, 08 Jul 2020 01:45 AM IST
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UP Cidco gets 275 crore work canceled from KV organization
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : twitter
यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपी सिडको) को केंद्रीय विद्यालय संगठन से मिला करीब 275 करोड़ रुपये का काम रद्द कर दिया गया है। इसके तहत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 11 केंद्रीय विद्यालयों के भवन का निर्माण होना था। इसकी टेंडर प्रक्रिया में भी बड़ी खामियां सामने आने के बाद टेंडर कमेटी के सदस्यों और परियोजना के नोडल अधिकारी से जवाब तलब किया गया है। 
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केवी संगठन ने यूपी सिडको को 25 करोड़ प्रति विद्यालय की लागत से छत्तीसगढ़ में छह और मध्य प्रदेश में पांच केंद्रीय विद्यालयों के भवन बनाने का काम आवंटित किया था। इसके लिए यूपी सिडको ने 14 अक्तूबर 2019 को टेंडर निकाला। टेंडर के नियम व शर्तों में निर्धारित दर से कम दर (बिलो रेट) आने पर अतिरिक्त परफॉर्मेंस गारंटी लिए जाने का प्रावधान ही नहीं किया गया था। जबकि, इन परियोजनाओं के लिए 19 प्रतिशत तक बिलो रेट के टेंडर आए। 
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नियम है कि टेंडर प्रक्रिया हर हाल में 90 दिन के अंदर पूरी हो जानी चाहिए, पर बताते हैं कि कुछ कानूनी अड़चनों के कारण तयशुदा वक्त में यह काम पूरा नहीं हो सका। सक्षम स्तर से अनुमति लिए बिना सिडको के इंजीनियरों ने टेंडर डालने वालों से सहमति पत्र लेकर 90 दिन के बाद भी न सिर्फ प्रक्रिया जारी रखी, बल्कि इस संबंध में कार्यालय आदेश भी जारी कर दिया। 
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मामला उच्चस्तर पर पहुंचने पर टेंडर रद्द किए गए। साथ ही 17 जून को नए सिरे से सभी कामों के लिए टेंडर जारी किए गए। इसका नतीजा यह हुआ कि केंद्रीय विद्यालय संगठन ने 26 जून को यूपी सिडको को पत्र लिखकर कहा कि अब वह निर्माण कार्य उससे नहीं कराना चाहता है। यूपी सिडको के सूत्रों का कहना है कि इस सबके पीछे घोषित वजह चाहे जो बताई जा रही हो, पर असली कारण कमीशन का खेल है। 

क्या है परफॉर्मेंस गारंटी

सामान्य दरों पर टेंडर डाले जाने पर काम लेने वाले कॉन्ट्रैक्टर को परियोजना की कुल लागत की 5 प्रतिशत परफॉर्मेंस गारंटी देनी होती है। 10 प्रतिशत तक बिलो रेट का टेंडर डालने पर प्रति एक प्रतिशत पर .5 प्रतिशत अतिरिक्त परफॉर्मेंस गारंटी देनी पड़ती है। वहीं, 10 प्रतिशत से अधिक बिलो रेट का टेंडर आने पर प्रति एक प्रतिशत पर एक प्रतिशत ही अतिरिक्त परफॉर्मेंस गारंटी लिए जाने का प्रावधान है। ठेकेदार के ठीक से काम न करने या किसी तरह की गड़बड़ी करने पर परफॉर्मेंस गारंटी जब्त कर ली जाती है। बिलो टेंडर आने पर काम की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए भी परफॉर्मेंस गारंटी ली जानी जरूरी मानी जाती है।  
 
केंद्रीय विद्यालयों के टेंडर के नियम व शर्तों में भारी खामियां थीं। बिलो टेंडर आने पर अतिरिक्त परफॉर्मेंस गारंटी लिए जाने का प्रावधान तक नहीं किया गया था। एमडी की बिना अनुमति के टेंडर प्रक्रिया को 90 दिन से ज्यादा का वक्त नहीं दिया सकता। इसके लिए संबंधित मुख्य अभियंता केके शर्मा और टेंडर कमेटी के अध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव समेत सभी सदस्यों से जवाब तलब किया गया है। जवाब मिलने पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। वहीं, केंद्रीय विद्यालय संगठन को यूपी सिडको को पुन: काम आवंटित किए जाने के लिए भी पत्र लिखा है। - एसपी आनंद, एमडी, यूपी सिडको
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