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यूपी : कोरोना की वजह से निराश्रित हुए बच्चों को आश्रय गृहों में रखा जाएगा

Thu, 06 May 2021 09:14 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 06 May 2021 09:14 PM IST
सार

कोरोना से संक्रमित होने की वजह से निराश्रित हुए बच्चों को आश्रय गृहों में रखा जाएगा। महिला कल्याण विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।

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UP: Children destitute due to corona will be kept in shelter homes
आश्रय गृह। - फोटो : amar ujala

विस्तार

कोरोना से संक्रमित होने की वजह से निराश्रित हुए बच्चों को आश्रय गृहों में रखा जाएगा। महिला कल्याण विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने सभी जिले के डीएम को निराश्रित हुए बच्चों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऐसे बच्चों के बारे में पूरी जानकारी शासन को भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। ताकि इन बच्चों के आश्रय का प्रबंध किया जा सके।

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महिला कल्याण विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना की दूसरी लहर में कई लोग संक्रमित हुए हैं और इनमें से कई का निधन भी हुआ है। यह भी संभव है कि किसी बच्चे के माता-पिता दोनों का निधन कोरोना संक्रमण की वजह से हो गया हो। या फिर ऐसा भी हो सकता है कि माता-पिता दोनों में से किसी एक का ही निधन हुआ हो और इसके बाद भी वे बच्चों की देखभाल में असमर्थ हों। ऐसे बच्चों को तत्काल आश्रय गृहों में रखे जाने का प्रबंध किया जाए। सूचनाओं के संकलन के लिए 15 मई तक का समय दिया गया है। जिला अधिकारियों को ऐसे बच्चों के बारे में शासन को तो जानकारी देनी ही होगी साथ ही राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को भी सूचनाओं की एक प्रति उपलब्ध करवानी होगी।
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आदेश में कहा गया है कि इस तरह के बच्चों का डेटा इकट्ठा करने के लिए मोहल्ला निगरानी समिति या ग्राम निगरानी समितियों का इस्तेमाल किया जाए। शहरी इलाकों में मोहल्ला निगरानी समितियां गठित हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में ग्राम निगरानी समितियां काम कर रही हैं। इनमें आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता भी हैं। इन लोगों का इस्तेमाल करके आंकड़े जुटाए जाएं। इसके अलावा चाइल्ड लाइन से भी इस तरह के बच्चों का आंकड़ा जुटाने के लिए कहा गया है।
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हालांकि इन्हें आदेश दिया गया है कि बच्चों के चिह्नांकन के बाद 24 घंटे के भीतर जिला प्रोबेशन अधिकारी के माध्यम से बाल कल्याण समिति को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत किया जाएगा और उनके आश्रय गृहों में रहने की व्यवस्था की जाएगी। अगर किसी बच्चे को एनजीओ द्वारा संचालित आश्रय गृहों में रखा जा रहा है तो बाल कल्याण समिति उन बच्चों का निरंतर फॉलोअप लेती रहेगी।


आम लोंगो के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी
ऐसे बच्चों का डेटा जुटाने के लिए जनसामान्य की भी मदद लिए जाने का प्राविधान किया गया है। हेल्पलाइन नंबर, 011-23478250 जारी किया गया है, जिसपर लोग ऐसे बच्चों के बारे में जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा लोग ऐसे बच्चों के बारे में चाइल्ड लाइन 1098 या महिला हेल्पलाइन 181 पर भी जानकारी दे सकते हैं।

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