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NHAI: पेट्रोल पंप के लिए एनओसी देने के लिए 1.50 लाख मांगी थी रिश्वत, दर्ज होगा आय से अधिक संपत्ति का केस
Fri, 05 Jul 2024 10:35 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 05 Jul 2024 10:35 PM IST
सार
जांच में सामने आया है कि बिजेंद्र सिंह, जय प्रताप और संविदा पर तैनात निजी कार्यालय सहायक मुकेश कुमार सिंडिकेट बनाकर पेट्रोल पंप कारोबारियों से वसूली कर रहे थे।
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- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
पेट्रोल पंप खोलने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने के बदले 1.50 लाख रुपये घूस मांगने के आरोपी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के दोनों अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जल्द आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज करेगी। सीबीआई ने एनएचएआई, गोरखपुर के प्रबंधक बिजेंद्र सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार करने के बाद उनके आवास से 3.50 लाख रुपये और तमाम संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं।
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वहीं, वाराणसी के प्रबंधक जय प्रताप सिंह चौहान के ठिकानों से भी तमाम संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है। जांच में सामने आया है कि बिजेंद्र सिंह, जय प्रताप और संविदा पर तैनात निजी कार्यालय सहायक मुकेश कुमार सिंडिकेट बनाकर पेट्रोल पंप कारोबारियों से वसूली कर रहे थे। दोनों के आवास से तमाम ऐसी पुरानी फाइलें भी मिली हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने से संबंधित हैं। सीबीआई के अधिकारी इस मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। सीबीआई दोनों अधिकारियों के कार्यकाल में जारी हुए सभी अनापत्ति प्रमाणपत्रों की जानकारी जुटाने के बाद उनकी भी जांच करने की तैयारी में है।
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बता दें कि कुशीनगर के तमकुहीराज निवासी धनंजय राय ने राजधानी स्थित सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच में शिकायत की थी कि उनके पेट्रोल पंप का अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने के लिए गोरखपुर के एनएचएआई कार्यालय के प्रबंधक बिजेंद्र सिंह 1.50 लाख रुपये घूस मांग रहे हैं, जिसके बाद सीबीआई ने बुधवार रात बिजेेंद्र सिंह को 50 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में वाराणसी के प्रबंधक जय प्रताप सिंह और निजी सहायक मुकेश कुमार की भूमिका सामने आने पर उन्हें भी गिरफ्तार किया गया था।
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