आजम ने उगली आग, बोले पीएम छोटी सोच वाला
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नगर विकास एवं संसदीय कार्यमंत्री मो. आजम खां ने बुधवार को यहां एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इशारों ही इशारों में जमकर निशाना साधा। आजम ने मोदी का नाम लिए बगैर कहा कि वह है तो देश का बादशाह, लेकिन मुल्क की 30 करोड़ से ज्यादा आबादी की खुशी या गम से कोई वास्ता नहीं रखता।
दुर्भाग्य से ऐसे ही छोटे दिल का आदमी बादशाह बन बैठा है, जो ईद की मुबारकबाद भी नहीं देना चाहता। ऐसा आदमी गरीबों के कल्याण और कमजोर लोगों को मजबूत बनाने वाले काम कर ही नहीं सकता।
गरीबों, कमजोरों व अल्पसंख्यकों की मदद की चिंता तो सिर्फ समाजवादी कर सकते हैं। नेताजी (मुलायम सिंह यादव) कर सकते हैं। आजम बुधवार को यहां सपा सरकार की समाजवादी पेंशन योजना के शुभारंभ के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
हो सकता है कि वजह जया बच्चन का वह वक्तव्य रहा हो जिसमें उन्होंने कहा था, ‘छोटे बच्चे (मुख्यमंत्री) ने आपकी (महिलाओं) की आवाज को इतनी ताकत दे दी कि महिलाएं सिर उठाकर चल सकेंगी। मैं भी संसद में सिर उठाकर कह सकूंगी कि समाजवादी पार्टी पर महिलाओं की अनदेखी का आरोप बिल्कुल गलत है।’
कुछ यूं बोला मोदी पर हमला
आजम जब बोलने उठे तो उन्होंने कहा, ‘आज बहुत भावुक दिन है। नेताजी के अरमानों को पूरा करने वाला दिन है। समाजवादियों से ज्यादा महिलाओं व मजलूमों की चिंता किसी ने नहीं की। कुछ लोग अकारण भ्रम फैलाते हैं। समाजवादी पार्टी ही उन लोगों के यहां भी पहुंचती है, जिनके घरों को मजबूत छप्पर नसीब नहीं है।’
आजम ने कहा कि मुल्क का सेंसेक्स तो ऊपर जा रहा है, पर इसका लाभ सिर्फ अमीरों के लिए है। मुल्क में अब गरीबों के लिए नहीं सोचा जा रहा। वाल्मीकि समाज को रोजगार देना तो दूर, उनके हाथ से झाड़ू भी छीनी जा रही है।
ये लोग (मोदी सरकार) जो कर रहे हैं, वह छल है। ऐसे लोगों को इतिहास भी माफ नहीं करेगा। ये तो ऐसे लोग हैं जो होटलों में वेटर को 500 से 5000 रुपये टिप देकर उठते हैं।
बादशाह का दिल छोटा न हो : आजम ने कहा कि ऊंची कुर्सी पर बैठे व्यक्ति में अहंकार आ जाए तो वह बादशाह नहीं, तानाशाह हो जाता है। बादशाह का कोई धर्म नहीं होता। उसका एक ही धर्म ‘राजधर्म’ होता है। देश के बादशाह का दिल छोटा नहीं होना चाहिए। बड़े-बड़े फासिस्टवादियों के गले में हाथ डालने और सांप्रदायिकता से लड़ने की ताकत सिर्फ समाजवादियों में ही है।