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कैबिनेट बैठक आज, सपा राज का एक और फैसला पलटने की तैयारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 30 Jan 2018 10:31 AM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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योगी सरकार मंगलवार की कैबिनेट बैठक में सपा सरकार का एक और फैसला पलटने के अलावा पहली दुग्ध व फार्मा नीति को मंजूरी दे सकती है। पैरामिलिट्री फोर्स में कार्यरत प्रदेश के जवान का यदि निधन होता है तो उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने संबंधी प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकता है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में प्रस्तावित बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर विचार की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि पिछली सपा सरकार ने तत्कालीन नगर विकास मंत्री आजम खां के प्रभाव में पालिका परिषद व नगर पंचायतों में अधिशासी अधिकारियों से नियुक्ति का अधिकार छीन लिया था। ईओ बाबू व चपरासी जैसे पदों पर नियुक्ति कर सकते थे।
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प्रदेश सरकार ने इस निर्णय को मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेजा तो उन्होंने इसे राष्ट्रपति के पास भेज दिया। राष्ट्रपति ने तत्कालीन सरकार के फैसले को संविधान के 74 वें संशोधन का उल्लंघन करार दिया है।
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योगी सरकार सपा सरकार के फैसले को पलटकर पुरानी व्यवस्था बहाल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है। सरकार ने पहली बार दुग्ध व फार्मा नीति बनाई है। ‘अमर उजाला’ इसके महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी पहले ही दे चुका है। इन दोनों नीतियों को भी मंजूरी मिलने की संभावना है।
प्राकृतिक आपदा के कारण बेघर हुए लोगों के लिए खास नीति
इसके अलावा सरकार सीमा पर शहीद होने वाले सेना और अर्धसैन्य बलों में शामिल प्रदेश के जवानों के बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने पर सोच रही है। सरकार इन्हें समूह ‘ग’ व ‘घ’ की नौकरी भी देगी। समाज कल्याण विभाग के इस प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है।
जानकार बताते हैं कि यह नीति हरियाणा और मध्य प्रदेश में पहले से है। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से प्रस्तावित पंडित दीनदयाल खादी उपाध्याय ग्रामोद्योग योजना पर भी विचार होगा।
प्राकृतिक आपदा और गरीबी के कारण बेघर और जर्जर घरों में रह रहे परिवारों को नि:शुल्क आवास देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की तर्ज पर ‘दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय आवास योजना ग्रामीण’ शुरू करने का प्रस्ताव है। इसमें 25 हजार चयनित परिवारों को आवास के लिए आर्थिक मदद देने की व्यवस्था होगी। इसे भी मंजूरी मिल सकती है।
जानकार बताते हैं कि यह नीति हरियाणा और मध्य प्रदेश में पहले से है। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से प्रस्तावित पंडित दीनदयाल खादी उपाध्याय ग्रामोद्योग योजना पर भी विचार होगा।
प्राकृतिक आपदा और गरीबी के कारण बेघर और जर्जर घरों में रह रहे परिवारों को नि:शुल्क आवास देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की तर्ज पर ‘दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय आवास योजना ग्रामीण’ शुरू करने का प्रस्ताव है। इसमें 25 हजार चयनित परिवारों को आवास के लिए आर्थिक मदद देने की व्यवस्था होगी। इसे भी मंजूरी मिल सकती है।