गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले पर योगी कैबिनेट की मुहर
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यूपी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए गरीबों को सरकारी नौकरियों व शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। प्रदेश में इस व्यवस्था का लाभ बीती 14 जनवरी से ही मिलेगा। बैठक के बाद मीडिया को सम्बोधित करते हुए राज्य सरकार के मंत्री व प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि राज्य में केंद्र के प्रस्ताव को हूबहू लागू किया जाएगा।
शर्मा ने बताया कि केंद्रीय सामाजिक एवं अधिकारिता मंत्रालय की 12 जनवरी, 2019 की अधिसूचना के माध्यम से 103 वें संविधान संशोधन के द्वारा सरकारी नौकरियों की सभी श्रेणियों तथा शैक्षिक संस्थाओं में गरीबों लिए अधिकतम 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है।
केंद्र सरकार ने इसे 14 जनवरी से लागू करने की अधिसूचना जारी की है। प्रदेश सरकार ने भी सामान्य वर्गों के लिए अधिकतम 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था 14 जनवरी से ही लागू करने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
मुगलसराय तहसील अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर
प्रदेश कैबिनेट ने चंदौली जिले की मुगलसराय तहसील का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर करने का फैसला किया है। बता दें, केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पहले ही कर चुकी है।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रसिद्ध विचारक, अर्थशास्त्री, इतिहासकार व पत्रकार रहे पं. दीनदयाल का निष्प्राण शरीर 11 फरवरी 1968 को मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर पाया गया था। राजस्व परिषद के चेयरमैन प्रवीर कुमार की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति ने प्रदेश में दीनदयाल नगर नाम से कोई तहसील न होने का हवाला देते हुए मुगलसराय तहसील का दीनदयाल नगर किए जाने की संस्तुति की गई थी।
उपशा को हस्तांतरित होगा मुजफ्फरनगर का रामपुर बाईपास
मुजफ्फरनगर में स्थित 1.20 किलोमीटर लंबे रामपुर बाईपास को फोरलेन करने के लिए इसे लोक निर्माण विभाग से उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण (उपशा) को हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
मुजफ्फरनगर-सहारनपुर वाया देवबंद मार्ग (एसएच-59) के प्रारंभिक हिस्से पर ही यह बाईपास स्थित है। यह बाईपास मुजफ्फरनगर-सहारनपुर वाया देवबंद मार्ग को राष्ट्रीय मार्ग-58 से जोड़ता है। हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रामपुर बाईपास का विकास फोरलेन स्तर तक निजी विकासकर्ता मेसर्स देवबंद हाईवेज प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ द्वारा किया जा सकेगा।
गोवंश कल्याण सेस से 165 करोड़ जुटाएगी सरकार
प्रदेश कैबिनेट ने गोवंश संरक्षण के लिए शराब पर अलग-अलग तरह से गोवंश कल्याण सेस वसूलने की व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। इससे 165 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। यह रकम निराश्रित व बेसहारा गोवंश के भरण-पोषण पर खर्च की जाएगी।
राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना व संचालन के संबंध में जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश पहले ही दे चुके हैं।
आबकारी विभाग इससे जुड़ी व्यवस्था में सहयोग के लिए स्पेशल फीस वसूलेगा। इस संबंध में व्यवस्था तय कर दी गई है। शर्मा ने बताया कि प्रदेश की इकाइयों में बाटलिंग क्षमता में जैसे-जैसे विस्तार होगा, स्पेशल फीस की रकम बढ़ती जाएगी।
अयोध्या, बहराइच समेत पांच जिला चिकित्सालयों की संपत्ति चिकित्सा शिक्षा विभाग को
केंद्र की सहायता से बनने वाले फेज-1 के पांच स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेजों के लिए जिला चिकित्सालयों की चल-अचल संपत्ति चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित की जाएगी।
कैबिनेट की बैठक में अयोध्या, बहराइच, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर व बस्ती के मेडिकल कॉलेजों के लिए संपत्ति हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा जिला चिकित्सालयों व रेफरल अस्पतालों की वैकल्पिक व्यवस्था होने तक सेकंडरी (द्वितीयक) चिकित्सा सुविधाएं भी मेडिकल कॉलेज उपलब्ध कराते रहेंगे।
संविदा पायलटों का उड़ान भत्ता और सुविधाएं बढ़ीं
प्रदेश में स्टेट प्लेन व हेलीकॉप्टर उड़ाने वाले संविदा पायलटों को अब पांच हजार रुपये प्रति उड़ान घंटे की दर से भत्ता दिया जाएगा। योगी कैबिनेट ने शुक्रवार को इस पर मुहर लगा दी। राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि संविदा पर कार्यरत जेट व टर्बो प्राप वायुयान के पायलटों के लिए पूर्व में निर्धारित पारिश्रमिक रेंज का विलय कर दिया गया। अब फिक्सड विंग, रोस्टर विंग व संविदा पायलटों को नियमित सेवा के पायलटों के समान ही उड़ान भत्ता दिया जाएगा। यही नहीं, संविदा पायलटों को भी लखनऊ में टाइप 4 व 5 के सरकारी आवास की सुविधा दी जाएगी।
सभी पायलटों का 60 लाख रुपये तक एविएशन पर्सनल एक्सिटेंड इंश्योरेंस और 60 लाख रुपये तक लॉस ऑफ लाइसेंस इंश्योरेंस के वार्षिक प्रीमियम की प्रतिपूर्ति भी सरकार करेगी। इसके अतिरिक्त पायलटों को घर से एयरपोर्ट और एयरपोर्ट से घर छोड़ने के लिए वाहन सुविधा भी दी जाएगी।
अब देश-विदेश के मेलों में आसानी से हिस्सा ले सकेंगे ओडीओपी उद्यमी
अब प्रदेश के ओडीओपी उद्यमी देश-विदेश में लगने वाले मेलों में आसानी से हिस्सा ले सकेंगे। कैबिनेट बैठक में ‘एक जनपद-एक उत्पाद विपणन प्रोत्साहन योजना’ को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत 5 हजार उद्यमी लाभान्वित किए जाएंगे। चालू वित्त वर्ष में योजना पर 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि विपणन प्रोत्साहन योजना के तहत चिह्नित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाएगा। विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मेला-प्रदर्शनियों में हिस्सेदारी और ई-मार्केटिंग के माध्यम से बिक्री के नए अवसर मुहैया कराए जाएंगे। इसके लिए एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) से जुड़े उत्पादकों, हस्तशिल्पियों, बुनकरों, कारीगरों, उद्यमियों और निर्यातकों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
चित्रकूट रामायण मेला अब राज्यस्तरीय मेला
राज्य सरकार ने चित्रकूट के रामायण मेले का प्रांतीयकरण किया है। मेले के आयोजन का प्रबंधन और व्यवस्थाओं का खर्च सरकार वहन करेगी। शुक्रवार को आयोजित योगी कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। श्रीकांत शर्मा ने बताया कि चित्रकूट में लगने वाले रामायण मेले के अंतरजिला और अंतरराज्यीय स्वरूप के मद्देनजर मेले की व्यवस्थाएं करने के लिए इसका प्रांतीयकरण किया है। मेले का प्रांतीयकरण करने के बाद अब इसका प्रबंधन चित्रकूट के जिलाधिकारी करेंगे। मेले के आयोजन पर होने वाला खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
सेतु निगम के कार्मिकों को 1 जनवरी 2016 से सातवां वेतनमान
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के कार्मिकों को 1 जनवरी 2016 से सातवें वेतनमान दिए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। सेतु निगम के 3849 नियमित और पूर्णकालिक कार्मिकों को इस फैसले का लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान में सेतु निगम के 3849 कार्मिकों के वेतन पुनरीक्षण पर मासिक व्यय भार 1.36 करोड़ रुपये आएगा। 1 जनवरी 2016 से लागू होने पर कुल अतिरिक्त व्यय भार 46.65 करोड़ रुपये पड़ेगा।
प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान में सेतु निगम 7283.52 करोड़ के काम करा रहा है। नवंबर-2018 तक नए प्रस्तावित सेतुओं की कुल संख्या 173 है, जिनकी कुल लागत 7692.32 करोड़ रुपये है। इन कामों की स्वीकृति के बाद सेतु निगम के पास आगामी वर्षों के 14975.84 करोड़ रुपये लागत के कार्य होंगे।