फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP cabinet decision: CM's car can be replaced immediately if malfunction

मुख्यमंत्री योगी की सुरक्षा फ्लीट में होगा बदलाव, भ्रमण के दौरान खराब होने पर तत्काल बदली जाएगी वीआईपी कार

Sat, 10 Oct 2020 12:29 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sat, 10 Oct 2020 12:29 PM IST
विज्ञापन
UP cabinet decision: CM's car can be replaced immediately if malfunction
सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला।

मुख्यमंत्री के जिलों के भ्रमण के दौरान वीआईपी कार में तकनीकी खराबी होने पर उसे तत्काल वीआईपी स्पेयर कार से बदला जा सकेगा। सरकार ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए अनुमोदित ग्रीन बुक में सुरक्षा फ्लीट की वर्तमान संरचना क्रम में परिवर्तन के प्रस्ताव को शुक्रवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी।

विज्ञापन


गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए 2017 में ग्रीन बुक जारी की गई थी। मुख्यमंत्री के मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने 6 जुलाई 2020 को शासन को पत्र भेजकर कहा था कि सुरक्षा फ्लीट में वीआईपी स्पेयर कार वीआईपी कार से तीन वाहन पीछे चलने के कारण वीआईपी कार में कोई तकनीकी समस्या आने पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा मुख्यमंत्री को सुरक्षा घेरे में लेकर वीआईपी स्पेयर कार से बदलने में कठिनाई होगी। साथ ही सुरक्षा घेरा भी वीआईपी स्पेयर कार के पीछे होने से मजबूत नहीं रह पाएगा।
विज्ञापन


इस संबंध में पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षण एवं सुरक्षा की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति की गठन किया गया था, जिसने सुझाव दिया है कि सुरक्षा कारणों से वीआईपी स्पेयर कार का स्थान स्कोर्ट टू के पीछे कर दिया जाए। यह परिवर्तन हो जाने पर मुख्यमंत्री के जिलों के भ्रमण कार्यक्रमों के दौरान वीआईपी स्पेयर कार को वीआईपी कार से तत्काल बदला जा सकेगा। साथ ही सुरक्षा घेरा भी मजबूत बना रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

कैबिनेट ने दी मंजूरी, गोरखपुर एलआरटी परियोजना को हरी झंडी, 4672 करोड़ लागत

गोरखपुर महानगर की यातायात व्यवस्था को सुगम एवं सुचारू बनाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के रूप में लाइट रेल ट्रांजिट (एलआरटी) परियोजना को सरकार की हरी झंडी मिल गई है। परियोजना की कुल लागत 4672 करोड़ रुपये है। इसे 2024 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने शुक्रवार को गोरखपुर एलआरटी परियोजना के क्रियान्वयन तथा डीपीआर को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी।

परियोजना के तहत कुल 27.84 किलोमीटर की लंबाई में दो एलिवेटेड कॉरीडोर प्रस्तावित हैं। पहला कॉरीडोर श्यामनगर से मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज तक होगा, जिसकी प्रस्तावित लंबाई 15.14 किलोमीटर होगी। इस कॉरीडोर पर स्टेशनों की संख्या 14 होगी। दूसरा कॉरीडोर बीआरडी मेडिकल कॉलेज से नौसढ़ चौराहा तक रहेगा। इस कॉरीडोर की प्रस्तावित लंबाई 12.70 किलोमीटर होगी। इस पर स्टेशनों की संख्या 13 होगी।

गाजीपुर में स्टेट हाईवे निर्माण की संशोधित लागत को मंजूरी
कैबिनेट ने गाजीपुर में ताड़ीघाट-बारा-कुम्हार-चौसा मार्ग (स्टेट हाईवे-99) के सुदृढ़ीकरण और मार्ग के दोनों ओर 1.50 मीटर चौड़ाई में पेव्ड शोल्डर की संशोधित लागत को हरी झंडी दे दी है। 38.60 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर 271.58 करोड़ रुपये का व्यय होगा। यह मार्ग गाजीपुर में ताड़ीघाट से प्रारंभ होकर बारा होते हुए बिहार के बक्सर को जोड़ता है। इस मार्ग से बजरी-मोरंग और कोयला की ढुलाई होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed